भास्कर न्यूज | ब्यावर नगर परिषद सभापति पद के लिए बुधवार को नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन भाजपा से वार्ड 27 की पार्षद पुष्पा बल्दुआ और कांग्रेस से वार्ड 55 के पार्षद कैलाश गहलोत ने अपने समर्थकों और प्रस्तावकों के साथ नामांकन पेश किया। भाजपा प्रत्याशी पुष्पा बल्दुआ के नामांकन में पार्षद गोपाल सिंह रावत ने प्रस्तावक की भूमिका निभाई, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी कैलाश गहलोत के नामांकन में पार्षद भारत बाघमार प्रस्तावक बने। सभापति पद के लिए नामांकन पेश करने से पहले पुष्पा बल्दुआ ने प्रस्ताव के रूप में हस्ताक्षर करने से पहले गोपाल सिंह रावत को निर्वाचन अधिकारी जयपाल सिंह राठौड़ ने नगर परिषद में ही पद की शपथ दिलाई। मसूदा में भाजपा से टीकमचंद माली, कांग्रेस से भूपेंद्र सिंह मेड़तिया ने नामांकन भरा। पीसांगन से भाजपा के लोकेश लंबा, कांग्रेस से मनोहर लाल प्रत्याशी बने हैं। बिजयनगर से भाजपा उम्मीदवार ममता मोदी, कांग्रेस उम्मीदवार नीतिका भाटी और निर्दलीय उम्मीदवार हेमलता मेहता ने नामांकन भरा। कांग्रेस की ओर से सभापति पद के लिए नामांकन पेश करते कैलाश गहलोत। भाजपा की ओर से सभापति पद के लिए नामांकन पेश करती पुष्पा बल्दुआ। नामांकन दाखिल होने के तुरंत बाद से ही भाजपा और कांग्रेस दोनों ही खेमों में हलचल तेज हो गई है। पार्षदों को अपने पाले में बनाए रखने और विरोधी खेमे में सेंधमारी से बचाने के लिए फिर बाड़ाबंदी का दौर शुरू हो चुका है। दोनों दलों के रणनीतिकार निर्दलीय पार्षदों को साधने के साथ-साथ एक-दूसरे के पार्षदों में सेंध लगाने की पुरजोर कोशिशों में जुट गए हैं। 21 सितंबर को होने वाले मतदान के दौरान क्रॉस वोटिंग की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। { 17 सितंबर : स्क्रूटनी। { 18 सितंबर : दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी। {21 सितंबर : सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक मतदान फिर मतगणना और परिणाम घोषित किए जाएंगे । नगर परिषद के कुल वार्डों के दलीय गणित पर नजर डालें तो किसी भी दल के पास स्पष्ट बहुमत का आंकड़ा नहीं है। भाजपा ने 23, कांग्रेस ने 20, आरएलपी ने 4 और निर्दलीय ने 13 सीटें जीती हैं। संख्या बल के लिहाज से भाजपा 23 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत नहीं ला पाई। वहीं 20 सीटों वाली कांग्रेस भी सत्ता की दौड़ में पूरी तरह बनी हुई है। ऐसे में 13 निर्दलीय पार्षद "किंगमेकर'' की भूमिका में आ गए हैं। आरएलपी के 4 पार्षद भी चुनाव के नतीजे तय करने में अहम कड़ी साबित होंगे।