मानसून आखिरी फेज में गुरुवार को राजधानी में ऐसा बरसा कि इस सीजन में एक दिन की सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड बना दिया। गुरुवार को डेढ़ से दो घंटे तक पूरे शहर में जमकर बारिश हुई और सर्वाधिक जेएलएन मार्ग पर 55 मिमी यानी 2.1 इंच पानी बरसा। इस सीजन में इससे पहले 24 अगस्त को 37 मिमी बारिश हुई है। दोपहर तक धूप खिली हुई थी, लेकिन 3 बजे के बाद अचानक मौसम का मिजाज बदला और शाम 4:30 बजे से अचानक घनघोर घटाएं बरसने लगीं। सांगानेर, जेएलएन मार्ग, टोंक रोड, गोपालपुरा बाईपास, कलेक्ट्रेट, गुर्जर की थड़ी, मालवीय नगर व जगतपुरा में झमाझम बारिश से शहर की सड़कें लबालब हो गईं। मध्यम मार्ग पर तेज बारिश के बाद 15 फीट लंबाई तक फुटपाथ धंस गया। जयपुर भी सूखे की चपेट में, बीते साल 915.57 मिमी बारिश हुई थी आंकड़ों के अनुसार राजधानी के लिहाज से मानसून इस बार कुछ खास नहीं बरसा। अब तक 385.87 मिमी ही बारिश हुई है। यह आंकड़ा औसत से 22.67 फीसदी कम है। बीते साल में 17 सितंबर तक 915.57 मिमी बारिश हो चुकी थी, इस हिसाब से इस बार 529.87 मिमी कम बारिश हुई है। पूरे सीजन में औसत बारिश का आंकड़ा जयपुर में 511.93 मिमी है। राजधानी के अलग-अलग इलाकों में बारिश का दौर 4 बजे के बाद शुरू हुआ और 6:30 बजे तक तेज, फिर हल्की से मध्यम बारिश होती रही। पीक आवर्स में बारिश के बाद शहर की सड़कों पर जाम लग गया। गंगा जमुना पेट्रोल पंप से रिद्धि-सिद्धि, गोपालपुरा बाईपास, टोंक रोड, कालवाड़ रोड, सांगानेर, जेएलएन मार्ग पर रात 8 बजे तक जाम रहा। अगले हफ्ते तक मानसून की विदाई के आसार, कोटा पूरा होना मुश्किल नए सिस्टम के अनुसार दो दिन हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इसके बाद मानसून की विदाई की परिस्थितियां बन रही हैं और 25 सितंबर तक मानसून विदा होने का अनुमान है। अब तक 385.87 मिमी औसत बारिश हुई है, जबकि पूरे सीजन में औसत बारिश का आंकड़ा 511.93 मिमी है। अभी पूरे सीजन की औसत बारिश से आंकड़ा 126 मिमी कम है। मानसून के पास इस कमी की भरपाई के लिए अब महज एक सप्ताह बचा है। इस हिसाब से इस बार मानसून का कोटा पूरा होना मुश्किल लग रहा है।