माइंस पर पोकलेन मशीन ठीक करने आए 3 मजदूरों ने काम होने के बाद जब मजूदरी मांगी तो हिस्ट्रीशीटर ने उन्हें बंधक बनाकर पीटा। वारदात ब्यावर जिले के रायपुर थाना इलाके में 28 जून को हुई थी। वारदात के बाद से हिस्ट्रीशीटर फरार है। पुलिस का कहना है कि 3 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। रायपुर थाने के SHO राजूराम सीरवी ने बताया- तीनों गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा जा चुका है। मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर मुकेश माली को पकड़ने के लिए टीम का गठन किया है। टीम तलाश में जुटी है। क्या है पूरा मामला ब्यावर जिले के रायपुर थाना इलाके के बर गांव में रहने वाले साजिद खान (40) पुत्र रूजदार ने 29 जून को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में साजिद ने बताया- बर गांव में ब्यावर रोड पर मेरी दुकान है। 28 जून को रातड़िया गांव निवासी मानसिंह का कॉल आया। उसने कहा कि झूठा गांव में मुकेश माली की माइंस पर पोकलेन मशीन ठीक करनी है। इस पर मैं अपने भाई जुनैद और भांजे साहिल के साथ काम करने चला गया। रात करीब 1 बजे काम पूरा होने के बाद पैसे मांगे तो मानसिंह ने कहा कि सुबह (29 जून) हिसाब कर देंगे। उसी वक्त हिसाब करने की मांग की तो मुकेश माली नाराज हो गया। मुकेश माली और उसके साथियों हेमराज बावरी, संजय चौधरी और मनीष गुर्जर ने हमें जबरदस्ती अपनी कार में डाला और ऑफिस में ले गए। वहां हम तीनों को रस्सियों से बांधकर बंधक बनाया और रात भर लोहे के पाइप और फावड़े से बुरी तरह मारपीट की। मेरे भाई जुनैद के बाल खींचकर उखाड़ दिए। उससे सिर से खून बहने लगा। आरोपियों ने बंदूक दिखाकर हमें डराया और तीनों के मोबाइल भी तोड़ दिए। अधमरी हालत में छोड़ा रिपोर्ट में साजिद ने बताया- रात भर हमें पीटने के बाद सुबह वे लोग हमें अधमरी हालत में छोड़ गए। हमारे परिजन हमें इलाज के लिए ब्यावर के सरकारी हॉस्पिटल ले गए। जहां इलाज शुरू किया गया। मारपीट की इस घटना में हम तीनों की बॉडी पर जगह-जगह चोटें आई। हाथ-पैरों पर नील तक जम गई। ठीक से चल भी नहीं पा रहे। 5 दिन बाद भी मुख्य आरोपी पकड़ से दूर मामले में पुलिस ने हेमराज बावरी, संजय चौधरी और मनीष गुर्जर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। लेकिन मुख्य आरोपी मुकेश माली वारदात के पांच दिन बाद भी पुलिस पकड़ से दूर है। आरोपी जैतारण थाने का हिस्ट्रीशीटर है। जिसकी तलाश में टीम जुटी है।