झालावाड़ जिले की रायपुर तहसील के ग्राम सेमली कल्याण में राजपूत समाज के श्मशान घाट तक जाने वाले मार्ग की स्थिति अत्यंत खराब है। बारिश के मौसम में यह रास्ता पूरी तरह कीचड़युक्त हो जाता है, जिससे अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हाल ही में 80 वर्षीय बुजुर्ग ठाकुर केसर सिंह झाला के अंतिम संस्कार के दौरान भी ग्रामीणों को इसी समस्या से जूझना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग केवल श्मशान घाट तक ही नहीं, बल्कि खेतों पर आने-जाने वाले किसानों और अन्य ग्रामीणों के लिए भी महत्वपूर्ण है। रास्ते की बदहाली के कारण उन्हें भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। तालाब पर अतिक्रमण के कारण पानी रास्ते में भरा समस्या की जड़ तालाब पर कथित अतिक्रमण है। पहले गांव का बारिश का पानी प्राकृतिक रूप से पास के तालाब में जमा होता था। लेकिन कुछ लोगों द्वारा तालाब पर कथित अतिक्रमण कर लेने के कारण पानी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो गया है। इसके चलते बारिश का पानी सीधे श्मशान मार्ग पर भर जाता है, जिससे रास्ता बदहाल हो गया है। राजपूत समाज के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने बताया कि इस गंभीर समस्या के बारे में पंचायत, तहसील और पंचायत समिति के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। हालांकि, अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा रोष व्याप्त है। समस्या के जल्द समाधान की मांग समाज के गणमान्य लोगों ने प्रशासन से तत्काल श्मशान मार्ग की मरम्मत कराने, अतिक्रमण की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने और तालाब के प्राकृतिक पानी निकास को बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ग्रामीणों की मूलभूत समस्याओं का समय पर समाधान नहीं होता, तो यह पंचायती राज व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। इस समय भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गांव में करीब 50 से अधिक राजपूत समाज के घर है वही अन्य समाज के लोगों की भी कई प्रकार की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। फिसलने के डर के चलते ग्रामीण इस मार्ग से पैदल ही बिना चप्पल के आते जाते है। ग्रामीण भंवर सिंह, रघुवीरसिंह, वीरेंद्र सिंह समेत ग्रामीणों ने जल्द ही समस्या का समाधान करने की मांग की है।