टोंक जिला मुख्यालय पर सचिन पायलट पर की गई टिप्पणी के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। गांधी पार्क से पुतले की शवयात्रा निकालकर घंटाघर तक नारेबाजी करते हुए पहुंचे और पुतला दहन किया। यह विरोध राजस्थान बीजेपी प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल के बयान के बाद हुआ, जिसमें उन्होंने पायलट का नाम लिए बिना टिप्पणी की थी। टिप्पणी में उन्हें बहरूपिया और उत्तरप्रदेश का भगोड़ा बताया था। कांग्रेस ने उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की है। पुतला लेकर पहुंचे कार्यकर्ता कांग्रेस जिलाध्यक्ष सऊद सईदी के नेतृत्व में कार्यकर्ता गांधी पार्क में एकत्रित हुए। इसके बाद दोपहर करीब एक बजे राधा मोहन दास अग्रवाल के पुतले की शवयात्रा निकाली गई। करीब डेढ़ सौ मीटर दूर घंटाघर तक नारेबाजी करते हुए पहुंचे, जहां प्रदर्शन कर पुतला दहन किया गया। बीजेपी कार्यक्रम में दिए बयान के बाद बढ़ा विरोध सोमवार को जिला मुख्यालय पर बीजेपी कार्यालय समेत प्रदेश के सात कार्यालयों के उद्घाटन और कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान मंच से राधा मोहन दास अग्रवाल ने एआईसीसी महासचिव और टोंक विधायक सचिन पायलट का नाम लिए बिना उन्हें बहरूपिया और उत्तरप्रदेश का भगोड़ा बताया था। इसके बाद से ही पायलट समर्थकों में नाराजगी देखी गई। कांग्रेस नेताओं ने माफी की मांग उठाई जिलाध्यक्ष सऊद सईदी ने कहा कि यह बयान ध्यान भटकाने के उद्देश्य से दिया गया है और व्यक्तिगत टिप्पणी करना गलत है। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट युवाओं, किसानों और आम लोगों से जुड़े नेता हैं, ऐसे में इस तरह की टिप्पणी उन वर्गों का भी अपमान है। प्रदेश उपाध्यक्ष रामविलास चौधरी और पूर्व विधायक कमल बैरवा ने भी बयान को गलत बताते हुए माफी की मांग की। बाहरी बताने पर भी उठाए सवाल पूर्व विधायक कमल लोदी ने कहा कि पायलट को बाहरी बताने का आरोप सही नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार का राजस्थान से जुड़ाव रहा है। साथ ही उन्होंने बीजेपी के अन्य नेताओं का उदाहरण देते हुए इस मुद्दे पर सवाल उठाए। प्रदर्शन में कई नेता और पदाधिकारी रहे मौजूद मीडिया प्रभारी जर्रार खान ने बताया कि प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष रामविलास चौधरी, पूर्व विधायक कमल बैरवा, पूर्व जिला अध्यक्ष हरिप्रसाद बैरवा, सरपंच संघ प्रदेश उपाध्यक्ष हंसराज फागना, दिनेश चौरसिया, ब्लॉक अध्यक्ष शंकर चौधरी, महादेव मीणा, जय नारायण मीणा, सतीश शर्मा, इरशाद बेग, कैलाशी देवी मीणा, किशन फगोड़िया, महावीर तोगड़ा, देवकरण गुर्जर, विकास लोदी, फोजू राम मीणा, बरकत हसीन, सलीमुद्दीन खान, सैयद महमूद शाह, अत्ताउल्लाह खान, बजरंग लाल वर्मा, धर्मेंद्र सालोदिया, अब्दुल खालिक और अलका बैरवा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।