कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने महिला आरक्षण बिल पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। पायलट ने कानून व्यवस्था और पंचायत, निकाय चुनाव टालने के मुद्दे पर सरकार पर तंज कसा है। पायलट ने कहा- सरकार को न कोर्ट की चिंता है, न जनता की। पंचायत चुनावों को अड़चन लगाकर टाला जा रहा है। नरेगा का काम भी लगभग समाप्त हो चुका है। प्रशासनिक अधिकारी जनता की भावनाओं और उनकी परेशानियों के प्रति चिंतित नहीं हैं। सरपंच, पार्षद, मेयर ये सब महत्वपूर्ण पद हैं, जिन्हें टाला जा रहा है क्योंकि भाजपा में हार का डर है। पायलट प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। कांग्रेस पार्टी महिलाओं को आरक्षण देने के हक में महिला आरक्षण पर पायलट ने कहा- कांग्रेस पार्टी महिलाओं को आरक्षण देने के लिए समर्पित और प्रतिबद्ध है। डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार के समय सोनिया गांधी के नेतृत्व में महिला आरक्षण पर बिल बनाया था, वो बिल उस समय संसद में पास नहीं हो पाया था। बीजेपी ने उसका लोकसभा में विरोध किया था। आज वो बिल ला रहे हैं तो हम चाहते हैं महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए, लेकिन उसकी आड़ में प्रक्रिया से खिलवाड़ न करें, जो परिसीमन आयोग बनने से पहले ही चर्चा हो रही है। अब पता नहीं, पार्लियामेंट में क्या बिल आएगा। अभी जानकारी किसी को नहीं है लेकिन एक सर्वदलीय बैठक बुलाकर इस बिल पर चर्चा होनी चाहिए। इसके बाद संसद का सत्र होना चाहिए। कांग्रेस पार्टी महिलाओं को हक,अधिकार देने के लिए समर्पित है, हम चाहते हैं कि यह हो लेकिन नियम, प्रक्रियाओं का पालन हो। पायलट ने कहा- जनगणना होने जा रही है, उसके जल्द परिणाम आ जाएंगे,उसका इंतजार करना चाहिए। जनगणना के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन की चर्चा हो सकती है, सब महिलाओं को आरक्षण मिले यह हम चाहते हैं। राजधानी में कानून व्यवस्था का यह हाल है तो बाकी जिलों का क्या होगा? पायलट ने कहा- अधिकारियों को न्यायपूर्ण कार्रवाई करने की छूट देनी होगी और राजनीतिक हस्तक्षेप बंद करना होगा। जब राजनीतिक दखल होता है तो अधिकारी काम नहीं कर पाते। सदन में बहुत घोषणाएं होती हैं लेकिन वे धरातल पर नहीं उतर पाई है। केरल,असम में कांग्रेस सरकार बनने का दावा पांच राज्यों में चुनाव को लेकर पायलट ने कहा- मैंने केरल में समय बिताया है, वहां बंपर वोटिंग हुई है जो बदलाव का संकेत है। असम में भी कांटे की टक्कर है और मुझे विश्वास है कि वहां कांग्रेस पार्टी बहुमत में आएगी। पूरे देश में लोग वर्तमान शासन से ऊब चुके हैं और अब बदलाव चाहते हैं। संविधान के प्रावधानों का सरेआम मजाक उड़ाया जाता है पायलट ने कहा- अंबेडकर साहब ने इस देश के लिए जो किया, वह शायद किसी व्यक्ति की ओर से देश को दिया गया सबसे बड़ा वरदान है। उस समय की विपरीत परिस्थितियों और समाज के हालातों के बावजूद, उन्होंने सालों की कड़ी मेहनत और अध्ययन से एक ऐसा संविधान बनाया जो आज भी प्रासंगिक है। आज मुझे लगता है कि इसकी ज्यादा जरूरत है क्योंकि कई बार हम देखते हैं कि संविधान की मूल भावना और उसके प्रावधानों का सरेआम मजाक उड़ाया जाता है और उसकी अवमानना की जाती है। संविधान के केवल मत्था टेकते हैं, लेकिन काम उसके विपरीत पायलट ने कहा- आज हमें प्रण लेना चाहिए विशेषकर उन लोगों को जो सरकारों में बैठे हैं कि क्या हम उस संविधान की रूपरेखा को पूरी तरह फॉलो कर रहे हैं? बहुत जगहों पर लोग संविधान को सिर्फ माथा टेकने का काम करते हैं, लेकिन जब काम उसके विपरीत होता है, तो बाबा साहब के सपनों को पूरा करने में हम कमी कर रहे होते हैं। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा संविधान को सबसे पवित्र ग्रंथ माना है जो सबको साथ लेकर चलता है। --- ये खबर भी पढ़िए- गहलोत बोले- निकाय-पंचायत चुनाव नहीं होने पर राष्ट्रपति-राज्यपाल हस्तक्षेप करें:बीजेपी अंबेडकर के सिद्धांतों की धज्जियां उड़ा रही है; लोकतंत्र कमजोर हो रहा पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने स्थानीय निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव समय पर नहीं करवाने के मामले में राष्ट्रपति और राज्यपाल से हस्तक्षेप करने की मांग की है। (पढ़िए पूरी खबर)