राजस्थान हाईकोर्ट ने पीपलू चिकित्सालय में कार्यरत संविदा कार्मिकों को राज्य सरकार के नियमानुसार मानदेय नहीं देने से जुड़े मामले में राज्य के प्रमुख चिकित्सा सचिव, निदेशक, टोंक के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, पीपलू राजकीय चिकित्सालय के प्रभारी अधिकारी से 13 जुलाई तक जवाब मांगा है। संविदा कर्मचारी ने दायर की थी याचिका न्यायाधीश गणेश राम मीणा की एकलपीठ ने यह अंतरिम आदेश पीपलू सामुदायिक चिकित्सालय में वर्ष 2016 से कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर सविंदा पर कार्यरत ओमप्रकाश सैनी और प्रहलाद नारायण लुहारिया के एडवोकेट लक्ष्मीकांत शर्मा मालपुरा के जरिये दायर की गई। सही भुगतान नहीं किया जा रहा याचिकाओं में बताया है कि 20 मई 2016 से कार्यरत हैं। मासिक वेतन 8415 रुपए भुगतान किया जा रहा है। जबकि राज्य सरकार के श्रम विभाग द्वारा 25 सितम्बर 2024 को नोटिफिकेशन जारी कर कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद का न्यूनतम वेतन 13504 रुपए तय किए। लेकिन याचिकाकर्ताओ को इस नोटिफिकेशन के अनुरूप भुगतान नहीं किया जा रहा हैं। जिसे याचिकाओं मे चुनौती दी गई हैं | 13 जुलाई तक जवाब मांगा अदालत ने याचिकाओं के प्रति विभाग के वकील अर्चित बोहरा को याचिकाओं की प्रति सौंपने के आदेश देते हुए पक्षकारों से 13 जुलाई तक जवाब मांगते हुए मामले में स्थिति स्पष्ट करने के आदेश दिए हैं।