हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश में स्थानीय निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कांग्रेस और बीजेपी ने इसके लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी है। कांग्रेस ने इस बार शहरी निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों में आधे टिकट 50 साल से कम उम्र वालों को देने का फैसला किया है। इस बार पार्षद, नगर पालिका अध्यक्ष, सभाापति और मेयर के आधे उम्मीदवार 50 साल से कम उम्र के बनाए जाएंगे। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कांग्रेस मुख्यालय में शहरी निकायों के चुनावों की तैयारियों के सिलसिले में बुलाई गई बैठक के दौरान कहा- हमने घोषणा कर रखी है कि शहरी निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों में 50 प्रतिशत टिकट 50 साल से कम उम्र वालों को देंगे। जिनकी उम्र ज्यादा है वे अपनी जगह जवान उम्मीदवारों को तैयार करें। 70-80 साल वालों ने टिकट मांगा तो दिक्कत आएगी। हालांकि आधे टिकट तो 50 साल से ज्यादा वालों के लिए रहेंगे ही, लेकिन मैं पार्टी की थीम की बात कर रहा हूं। एक वार्ड से दूसरे वार्ड में कूदते रहेंगे तो वहां के लोग कहां जाएंगे? डोटासरा ने कहा- केवल मैं ही सोच लूं वही सच नहीं है। मान लीजिए मैं टिकट मांग रहा हूं, लेकिन हो सकता है वहां के समीकरण अलग हों। एक बार इस वार्ड से लड़ लिए दूसरी बार कोई और वार्ड देख लिया। इस तरह एक वार्ड से दूसरे वार्ड में कूदने वाली बात अब नहीं चलेगी। जीतने के बाद छोड़कर नहीं जाएं, इसका ध्यान रखें डोटासरा ने कहा कि जो जीतने में सक्षम होता है, वह जोड़-तोड़ करके अपना बोर्ड बना लेता है और चेयरपर्सन बन जाता है। कई कांग्रेस के टिकट पर जीते हुए भी चले जाते हैं। हमें इस बात का खास ध्यान रखना है कि इस गंदगी में नहीं पड़ना है। पार्टी हाईकमान जिसे टिकट दे, निकाय प्रमुख बनाए, उसके साथ खड़े रहना है। कांग्रेस ने उदयपुर डिक्लेरेशन में की थी 50 फीसदी टिकट युवाओं को देने की घोषणा कांग्रेस ने उदयपुर में मई 2022 में हुई चिंतन बैठक के बाद जारी किए गए उदयपुर डिक्लेरेशन में 50 फीसदी टिकट 50 से कम उम्र वालों को देने की घोषणा की थी। इसके बाद शहरी निकाय और पंचायतीराज चुनावों में पहली बार इसका पालन होने जा रहा है। पहले इनके चुनाव एक साथ नहीं हुए थे। कांग्रेस ने फेजमैनर में इस फार्मूले को लागू करने की घोषणा की थी। इस बार निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं में युवाओं को मिलेगा ज्यादा मौका कांग्रेस में इस बार निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं में युवाओं को ज्यादा टिकट मिलेंगे। पहली बार 50 साल से कम उम्र वालों के टिकट रिजर्व करने से स्थानीय राजनीति में युवाओं को ज्यादा मौका मिलेगा। इससे स्थानीय सियासी समीकरण भी बदलेंगे। --- ये खबर भी पढ़िए- राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों का पूरा शेड्यूल:5 नवंबर तक अलग-अलग पदों के लिए मतदान होगा, जानिए- कब आएगा रिजल्ट राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव की घोषणा करने से पहले उसे हाईकोर्ट को चुनाव की तारीख बतानी पड़ी है। राजस्थान में पंचायत चुनावों की घोषणा 23 सितंबर को होगी। (पढ़िए पूरी खबर)