आम आदमी पार्टी पर पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा है कि यह पार्टी तो भ्रष्टाचारी लोगों का जमावड़ा था। जो अब बिखर गया। बीजेपी ने यूपीए सरकार के समय इनको सपोर्ट किया। फंडिंग की। अब जो सांसद बीजेपी में शामिल हुए। उन पर ईडी और इनकम टैक्स केस हैं। दरअसल आज गोविंद सिंह डोटासरा अपने सीकर आवास पर है। यहां मीडिया से बात की। गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- यह तो भारतीय जनता पार्टी की B टीम थी। दिल्ली में बीजेपी की सत्ता नहीं आ रही थी। लोग इकट्ठा नहीं हो रहे थे। इसलिए यूपीए सरकार के समय इनको सपोर्ट किया और फंडिंग की। मैनपॉवर उपलब्ध करवाया। सभी भ्रष्टाचार में डूबे गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- अब इन्हें पता लग गया कि यह तो सारे भ्रष्टाचार में डूबे हुए लोग हैं। केजरीवाल पर भी कई आरोप लगे थे। अब जो यह 7 लोग बीजेपी में शामिल हुए हैं। इन पर भी ईडी और इनकम टैक्स के केस हैं। अब बीजेपी इसका उपयोग कर रही है। इन्हें डरा-धमका रही है। ऑपरेशन लोटस के तहत इनका उपयोग कांग्रेस के खिलाफ पंजाब में करना चाहती है। पहले दिल्ली में किया, गुजरात में किया। यह लोग बीजेपी की B टीम होकर काम कर रहे थे। यह टीम अब समाप्त हो चुकी है। इससे जनता को भी राहत मिलेगी। राजनीति भी स्वच्छ होगी। कम से कम कोई विचारधारा की बात होगी। क्योंकि आम आदमी पार्टी की कोई विचारधारा नहीं थी। इनका तो केवल बीजेपी प्रयोग कर रही थी। आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचारी लोगों का एक जमावड़ा हो गया था। जो अब बिखर गया, जो जनता के लिए राहत की बात है। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- जब हमारी कांग्रेस की सरकार थी तो हमने आजादी के पहले और बाद का स्वर्णिम भारत पुस्तक 11 और 12 वीं कक्षा में चालू की थी। इससे राजस्थान के शौर्य, स्वतंत्रता संग्राम, इतिहास के बारे में शिक्षा मिल सके। उन पुस्तकों की पूरे देश में प्रशंसा हुई। यहां तक की एनसीईआरटी ने खुद इसे सराहा था। अब राजस्थान के शिक्षा विभाग के द्वारा उन चारों किताबों को बंद कर दिया गया है,अब उन्हें नहीं पढ़ाया जाएगा। यहां तक भी कोई बात नहीं। यदि इससे और अच्छा पढ़ाने के लिए उनके पास और कोई सिलेबस है तो वह लेकर आए। लेकिन स्टूडेंट्स के लिए कोई नई चीज नहीं लाना और केवल बंद करना उचित नहीं है। आरएसएस के लेखकों की किताब बांटी जा रहीं इसके बाद संस्था प्रधानों की वाकपीठ कार्यशालाएं,संगोष्ठी जैसे सरकारी कार्यक्रमों में आपातकालीन संघर्ष की गाथा नाम की आरएसएस के लेखकों की किताब बांटी जा रही है। सरकार आरएसएस के एजेंडे पर काम कर रही है। स्टूडेंट्स पर आरएसएस और खुद की विचारधारा थोपने के लिए सरकारी संसाधन, सरकारी कर्मचारियों का दुरुपयोग कर रही है, जो निंदनीय है। सरकार आरएसएस के इशारे पर शिक्षा का बंटाधार कर रही है। शिक्षा के क्षेत्र में जो नवाचार होने चाहिए वह नहीं हो रहे।