राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की 12वीं आट्र्स, कॉमर्स, साइंस का रिजल्ट मंगलवार को जारी हुआ। पाली की दो बेटियों ने भी सफलता हासिल की। मां की मौत के बाद भी सोनू ने हार नहीं मानी और 12वीं कॉमर्स में 97.60 प्रतिशत अंक लेकर आई। जबकि पिता की मौत के बाद जिनल को मां ने संभाला। संघर्षों का सामना करते हुए जिनल 12वीं कॉमर्स में 94.50 प्रतिशत मार्क्स लेकर आई। परिवार के लोगों का कहना है कि बेटियों ने हर मुसीबत का डटकर सामना किया और हार मानने की बजाय पढ़कर परिवार का नाम रोशन करने की ठानी। इसी बदौलत रिजल्ट देखकर परिवार में सभी की आंखों में खुंशियों के आंसू छलक पड़े। मां की मौत के बाद डिप्रेशन जैसे हालात बनें, लेकिन बहनों ने संभाला
पाली शहर के रामदेव रोड दुर्गा कॉलोनी में रहने वाली सोनू चितारा वंदे मातरम स्कूल की स्टूडेंट है। 12वीं कॉर्मस में 97.60 प्रतिशत मार्क्स लाई। सोनू ने बताया- पिता जगदीश चितारा मस्तान बाबा के निकट बैग सिलाई का काम करते है। परिवार में 5 भाई-बहन है। साल 2022 में मां की बीमारी से मौत हो गई। ऐसे में वह भी एक बार डिप्रेशन में आ गई। पापा काम पर चले जाते हैं। मां के जाने के बाद हम सभी परेशान हो गए। लेकिन बड़ी बहन मनिषा, महिमा ने उसे संभाला और बोला कि तुम पढ़ाई पर फोक्स करो। हम घर का काम कर लेंगी। मुझे कभी घर के काम-काज में हाथ बंटाने के लिए नहीं कहा। जबकि दोनों बहनें पढ़ाई में मुझसे भी होशियार है। उनके सपोर्ट के कारण ही आज 97.60 प्रतिशत मार्क्स आए हैं। अब मेरा सपना है कि किसी बड़ी कंपनी में CEO बनूं और अपने पिता को आराम दे सकूं। परिवार और देश का नाम रोशन करना ही लक्ष्य है। पिता की मौत के बाद मां ने कहा- पढ़ाई करो, काबिल बनो, अब यही लक्ष्य
पाली शहर के ही रामदेव रोड क्षेत्र में रहने वाली जिनल 12वीं कॉमर्स में 94.50 अंक लाई। वह वंदे मातरम स्कूल की स्टूडेंट है। जिनल बताती है कि वे पहले मुंबई रहते थे। लेकिन साल 2021 में पापा ईश्वरसिंह की बीमारी से मौत हो गई। इसके बाद वे पाली में अपने ननिहाल में शिफ्ट हो गए। मां फूला कंवर चूड़ी में नग लगाने का काम करती है। इसी काम से हम तीनों बच्चों पलक, जिनल और दुर्गपाल का पालन-पोषण करती है। नाना ने हमेशा हम बच्चों को सपोर्ट किया। पापा के चले जाने के बाद हमारी जिदंगी बदल गई। मां ने कहा कि वह कम पढ़ी लिखी है। अगर नौकरी में होती तो आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ता, इसलिए हम सभी बच्चों से कहा कि खूब पढ़ो और काबिल बनो, जिससे जीवन में किसी तरह कि विकट परिस्थतियां आए तो उसका सामना डटकर कर सको। तब से ही पढ़ाई को ही अपना लक्ष्य बना लिया। अब CA बनना टारगेट है। …………………. ये खबर भी पढ़िए...
रीढ़ की हड्डी टूटी, बेड पर लेटकर पढ़ाई की:12वीं कॉमर्स में 93.40% मार्क्स, रिजल्ट आया तो माता-पिता के आंसू छलके 5 साल पहले एक हादसे ने पाली की वृषिका कुमावत के पैरों की गति थाम दी थी, लेकिन उसके सपनों की उड़ान को कम नहीं कर सकी। बिस्तर पर लेटे-लेटे पढ़ाई करते हुए वृषिका ने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) के 12वीं कॉमर्स में 93.40% अंक हासिल कर इतिहास रच दिया। पूरी खबर पढ़िए एग्जाम के बाद छात्रा की मौत,12वीं में 93.80% मार्क्स आए:बेटी की तस्वीर सीने से लगाकर रो पड़ी मां, बोलीं-इंजेक्शन लगवाकर परीक्षा देने जाती थी राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(RBSE) ने मंगलवार को 12वीं का रिजल्ट जारी किया। श्रीगंगानगर में छात्रा की मौत के 10 दिन बाद आए रिजल्ट को देखकर मां फफककर रो पड़ीं। पूरी खबर पढ़िए