डॉ. सोनदेव बंसल की गिरफ्तारी के बाद निजी अस्पताल बंद होने से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा है। इस बीच एक रिटायर्ड डॉक्टर ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि नेताओं के पास अरबों रुपए कहां से आते हैं, क्या उन्होंने खेतों में बोए हैं और उन पर छापे क्यों नहीं पड़ते। दरअशल, डॉ. बंसल की हाल ही में हुई गिरफ्तारी के विरोध में प्रदेशभर के डॉक्टर्स में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसे लेकर मंगलवार को अलवर जिले में सभी निजी अस्पतालों ने अपनी सेवाएं पूरी तरह बंद रखीं, जिससे मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शहर के निजी अस्पतालों में ओपीडी से लेकर अन्य सभी सेवाएं बंद रहीं। हालात ऐसे रहे कि जो मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे, उन्हें बिना उपचार के ही वापस लौटना पड़ा, क्योंकि अधिकांश डॉक्टर अस्पताल नहीं पहुंचे। रिटायर्ड चिकित्सक डॉ. मोहन लाल सिंधी ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए नेताओं पर हमला बोला, उन्होंने कहा कि नेताओं के पास अरबों रुपए कहां से आते हैं, क्या उन्होंने खेतों में बोए हैं? उनके यहां छापे क्यों नहीं पड़ते, जबकि डॉक्टरों पर कार्रवाई की जा रही है। देखिए, विरोध को लेकर कुछ PHOTO'S टीम को किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही नहीं मिली वहीं, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अलवर अध्यक्ष डॉ. विजयपाल ने बताया कि संबंधित मामले में गठित मेडिकल बोर्ड को किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही नहीं मिली। इसके बावजूद आरजीएचएस से जुड़ी कथित छोटी अनियमितताओं के आधार पर एक प्रतिष्ठित डॉक्टर के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करना अनुचित है, जो पूरे डॉक्टर समुदाय के मनोबल को प्रभावित करता है। चिकित्सकों के बीच व्यापक विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि विरोध स्वरूप मंगलवार सुबह 8 बजे से बुधवार सुबह 8 बजे तक जिले की सभी निजी चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह बंद रहेगी। इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं भी स्थगित रखने का फैसला लिया गया, जिसमें निजी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, पैरामेडिकल सेवाएं और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं शामिल हैं।