राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट (आरडीटीएम) के छठे संस्करण में शुक्रवार को दो दिवसीय एग्जीबिशन का आगाज हो गया है। बी.एम. बिड़ला कन्वेंशन सेंटर में आयोजित एग्जीबिशन का उद्घाटन मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने रिबन काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। पूर्व राजपरिवार के सदस्य सवाई पद्मनाभ सिंह ने भी RDTM एग्जीबिशन का अवलोकन किया। मार्ट में पर्यटन से जुड़े विभिन्न पहलुओं और राजस्थान को घरेलू पर्यटकों के लिए और आकर्षक बनाने की संभावनाओं पर चर्चा हो रही है। इस बार मार्ट की थीम ‘स्टोरीज, जर्नीज, स्माइल्स : वन स्टेट, टू मार्ट्स, एंडलेस अपॉर्चुनिटीज’ रखी गई है। उद्घाटन के बाद मुख्य सचिव ने एग्जीबिशन का अवलोकन किया और विभिन्न स्टॉल्स पर जाकर एग्जीबिटर्स से बातचीत की। उन्होंने राजस्थान के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी उत्पादों, सेवाओं और नए पर्यटन अनुभवों की जानकारी ली। एग्जीबिटर्स ने अपने पर्यटन उत्पादों और विभिन्न स्थलों की विशेषताओं से उन्हें अवगत कराया। इस दौरान पर्यटन सचिव शुचि त्यागी, पर्यटन आयुक्त रुक्मणी रियार, राजस्थान पर्यटन के वरिष्ठ अधिकारी, फेडरेशन ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म ऑफ राजस्थान के प्रतिनिधि और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र से जुड़े प्रमुख लोग मौजूद रहे। घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि RDTM में देशभर से टूर ऑपरेटर्स, होटल्स, हेरिटेज प्रॉपर्टीज और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों की भागीदारी उत्साहजनक है। एग्जीबिशन में दिखाई दे रही लोगों की मौजूदगी घरेलू पर्यटन के महत्व को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यहां होटल्स, तकनीक, पैलेस ऑन व्हील्स और कैरावैन जैसे अलग-अलग पर्यटन उत्पादों के साथ नवाचार और टिकाऊ पर्यटन से जुड़े प्रयास भी प्रदर्शित किए गए हैं। राजस्थान आने वाले घरेलू पर्यटकों के लिए सरकार नए प्रयोगों पर काम कर रही है। उन्होंने एग्जीबिशन में प्रदर्शित कैरावैन का उल्लेख करते हुए कहा कि लंबी यात्राओं के दौरान इसका इस्तेमाल पर्यटकों के लिए यात्रा को सुविधाजनक और आरामदायक बना सकता है। पर्यटक अब अनुभव आधारित यात्राओं को दे रहे प्राथमिकता पर्यटन सचिव शुचि त्यागी ने कहा कि आज पर्यटक केवल पारंपरिक पर्यटन स्थलों की यात्रा तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि वास्तविक और अनुभव आधारित यात्राओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। राजस्थान में वेडिंग, ग्रामीण पर्यटन, वन्यजीव, इको-टूरिज्म, वेलनेस, एडवेंचर, आध्यात्मिक, मानसून और माइस पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास राजस्थान को सालभर के पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने के साथ कम चर्चित स्थलों, नए पर्यटन सर्किट और स्थानीय अनुभवों को बढ़ावा देना है। इससे पर्यटकों का ठहराव बढ़ेगा और पर्यटन का लाभ राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों के स्थानीय समुदायों, कारीगरों, उद्यमियों, होमस्टे संचालकों और गाइड सहित अन्य हितधारकों तक पहुंच सकेगा। आरडीटीएम का उद्देश्य घरेलू पर्यटन को मजबूत करना पर्यटन आयुक्त रुक्मणी रियार ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए आरडीटीएम का उद्देश्य घरेलू पर्यटन को मजबूत करना और राजस्थान के पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के लिए नए व्यावसायिक अवसर तैयार करना है। उन्होंने कम चर्चित पर्यटन स्थलों और स्थानीय पर्यटन उत्पादों को सामने लाने के लिए आरडीटीएम को जिलों तक ले जाने की नई पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मार्ट में आए प्रतिनिधियों को आमेर किले की वास्तुकला, पोलो के माध्यम से राजस्थान की खेल विरासत और राजीविका की महिला कारीगरों के हस्तशिल्प से जुड़े अनुभव भी कराए जा रहे हैं। इसके जरिए राजस्थान की विविध पर्यटन पेशकशों से कारोबारियों को परिचित कराया जा रहा है। पहली बार वेडिंग प्लानर्स को भी मंच एफएचटीआर अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह शाहपुरा ने कहा कि आरडीटीएम अब पर्यटन क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण आयोजन बन चुका है। उन्होंने बताया कि एफएचटीआर को अब पहले मारवाड़ ट्रैवल मार्ट के आयोजन की जिम्मेदारी भी मिली है। इस बार पहली बार देशभर से वेडिंग प्लानर्स को आरडीटीएम से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में वेडिंग और माइस उद्योग के लिए लगातार नई संभावनाएं बन रही हैं। राजस्थान की पर्यटन नीतियों के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों को भी पर्यटन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे इन क्षेत्रों में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ सकें। आरडीटीएम-2026 में इस वर्ष करीब 160 पवेलियन लगाए गए हैं। इनमें देशभर से करीब 300 ट्रैवल एजेंट्स और राजस्थान की 700 से अधिक प्रॉपर्टीज एवं टूर कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। सवाई पद्मनाभ सिंह ने भी देखी एग्जीबिशन पूर्व राजपरिवार के सदस्य सवाई पद्मनाभ सिंह ने भी RDTM एग्जीबिशन का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉल्स पर प्रदर्शित राजस्थान के पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और अनुभव आधारित उत्पादों को देखा।आरडीटीएम में इस बार पर्यटन के साथ इवेंट और वेडिंग इंडस्ट्री को भी विशेष रूप से जोड़ा गया है। इसके जरिए राजस्थान के कम प्रसिद्ध क्षेत्रों की कला, संस्कृति, विरासत और खान-पान को देशभर के खरीदारों तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है। आयोजन का उद्देश्य पर्यटन कारोबार को केवल जयपुर, उदयपुर, जोधपुर और जैसलमेर जैसे प्रमुख पर्यटन केंद्रों तक सीमित रखने के बजाय राज्य के दूसरे क्षेत्रों तक विस्तार देना भी है। आरडीटीएम-2026 का आयोजन फेडरेशन ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म ऑफ राजस्थान (एफएचटीआर) की ओर से राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग के सहयोग से किया जा रहा है।