शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि कांग्रेस ने इतिहास के कई नायकों की उपेक्षा की है। दिलावर ने पीसीसी चीफ डोटासरा के पाठ्यक्रमों से छेड़छाड़ के आरोपों को खारिज करते हुए पूछा-देश के लिए केवल नेहरु-गांधी ने ही योगदान दिया? क्या पटेल, शास्त्री, अंबेडकर का कोई योगदान नहीं था? हम पाठ्यक्रम में सुधार करके सच पढ़ा रहे हैं। बता दें राज्य सरकार ने 9वीं से 12वीं तक पढ़ाई जाने वाली ‘राजस्थान इतिहास’ की चार किताबों को सिलेबस से हटा दिया है। इस पर पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था “चार पुस्तकों को विलोपित करना सोच को नियंत्रित करने की साजिश है। किताबों को बंद करने के पीछे भाजपा का मकसद प्रदेश की पूरी एक पीढ़ी को आधे-अधूरे सच से वंचित करना है।” अंबेडकर सामान्य व्यक्ति नहीं थे कोटा में मीडिया से बातचीत करते हुए दिलावर ने कहा कि यह किताब परीक्षा का पाठ नहीं है। इसके नंबर रिजल्ट में जुड़ने नहीं है। यह केवल नॉलेज के लिए पढ़ाई जाती हैं। नॉलेज के लिए अच्छा तो पढ़ाओ? कांग्रेस में अच्छे-अच्छे नेता हुए हैं। हम उनको नमन करते हैं। लाल बहादुर शास्त्री, सरदार वल्लभभाई पटेल, वो गायब हैं। उनके बारे में कुछ लिखा ही नहीं। बाबा भीमराव अंबेडकर सामान्य व्यक्ति नहीं थे, उनके लिए केवल एक लाइन लिखी गई है। दलित नेता। जबकि बाबा साहब हमारे राष्ट्रीय महापुरुष थे। उन्होंने संविधान का निर्माण किया है। इनके बारे में विस्तार से बताना चाहिए था, जो नहीं बताया गया। कांग्रेस ने आजादी के बाद का स्वर्णिम इतिहास बताया। आजादी के पहले का भी स्वर्णिम इतिहास बता देते। एक बताओ और दूसरा छोड़ दो, ऐसे नहीं होता देश के पीएम की तुलना करते, बताते लाल बहादुर शास्त्री अच्छे प्रधानमंत्री थे, सरदार वल्लभभाई पटेल अच्छे गृहमंत्री थे, अटल बिहारी वाजपेई अच्छे प्रधानमंत्री रहे हैं। वास्तविकता बताओ। एक बताओ और दूसरा छोड़ दो, ऐसे नहीं होता। अपने आकाओं के बारें में लिखो। लाल बहादुर शास्त्री, सरदार वल्लभभाई पटेल भाजपा व जनसंघ के लीडर नहीं थे लेकिन श्रेष्ठ व्यक्ति थे। श्रेष्ठ लीडर थे। उनका उल्लेख नहीं किया। प्रधानमंत्री, गृहमंत्री किसी पार्टी का नहीं होता। वो देश का होता। कांग्रेस को वास्तविक इतिहास पढ़ना चाहिए था, वह नहीं पढ़ाया।