केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पात्र केंद्रीय कर्मचारियों को 30 दिनों की परिलब्धियों के बराबर गैर-उत्पादकता संबद्ध (तदर्थ) बोनस देने की घोषणा की है। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की ओर से 15 अक्टूबर 2026 को जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक परिलब्धियों की सीमा 7,000 रुपए तय की गई है। इस आधार पर 30 दिनों के बोनस की राशि 6,908 रुपए होगी। केंद्र सरकार की घोषणा के बाद अब राजस्थान के राज्य कर्मचारियों को भी बोनस मिलने की उम्मीद है। रेसटा ने की जल्द घोषणा करने की मांग शिक्षक संघ एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा), राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने राज्य सरकार से पात्र कर्मचारियों के लिए जल्द बोनस घोषित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से अपने पात्र कर्मचारियों के लिए तदर्थ बोनस की घोषणा स्वागत योग्य कदम है। इसी तर्ज पर राजस्थान सरकार को भी राज्य कर्मचारियों के हित में शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। सलावद ने कहा कि कर्मचारी पूरे वर्ष सरकार की योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यों को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में त्योहारों और पारिवारिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्हें बोनस का आर्थिक लाभ दिया जाना चाहिए। महंगाई के दौर में आर्थिक राहत जरूरी सलावद ने कहा कि महंगाई के इस दौर में कर्मचारियों को आर्थिक राहत देना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। राज्य सरकार को केंद्र की घोषणा के अनुरूप प्रदेश के पात्र कर्मचारियों के लिए बोनस घोषित कर भुगतान प्रक्रिया जल्द पूरी करने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार कर्मचारी हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द बोनस की घोषणा करेगी। इससे कर्मचारियों को आर्थिक संबल मिल सकेगा।