राजस्थान में 2 भाई हरिकिशन और टीकूराम बेनीवाल फर्जी आधार कार्ड का रैकेट चला रहे हैं। जोधपुर-फलोदी में ई-मित्र पर चोरी के सॉफ्टवेयर(ECMP) से फर्जी आधार कार्ड बना रहे हैं। इन सॉफ्टवेयर पर काम करने के लिए इनके पास असली ऑपरेटर के फिंगर प्रिंट वाला रबर का अंगूठा भी है। वृद्धावस्था पेंशन के लिए मिनटों में 44 साल की महिला की उम्र 55 कर दी जाती है। जो इंसान है ही नहीं, उसके फर्जी डॉक्यूमेंट बनाकर लोन पर कार खरीद लेते हैं। फिर लोन माफी के लिए फर्जी डेथ सर्टिफिकेट तैयार कर देते हैं। भास्कर रिपोर्टर ने 1 महीने तक ग्राहक बनकर अलग-अलग ई-मित्र पर पड़ताल की तो ये सच सामने आया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पड़ताल 1 : कैमरे पर नकली अंगूठे से फर्जीवाड़े के सबूत भास्कर रिपोर्टर ग्राहक बनकर ओसियां में तहसील कार्यालय के पास जम्मेश्वर कम्प्यूटर्स दुकान पर पहुंचा। दुकान मालिक श्याम विश्नोई से कहा कि आधार कार्ड में फिंगर प्रिंट अपडेट कराने हैं। उसने कहा- 200 रुपए लगेंगे। कुछ देर इंतजार के बाद रिपोर्टर का नंबर आ गया। पहले रिपोर्टर के प्रिंटर प्रिंट और आंखों का रेटिना स्कैन किया। फिर रिपोर्टर का फोटो लिया। इसके बाद फिंगर प्रिंट अपडेट करने के लिए स्टाफ ने कम्प्यूटर के पास रखा रबर का फिंगर प्रिंट लिया और लॉग इन किया। कुछ मिनट बाद ही रिपोर्टर के आधार कार्ड में फिंगर प्रिंट अपडेट हो गए। फिंगर प्रिंट अपडेट कराने की जो पर्ची दी उसमें सरकारी रेट 50 रुपए थी, लेकिन रिपोर्टर से दुकान मालिक ने 200 रुपए लिए। जम्मेश्वर कम्प्यूटर के सामने एसएस कम्प्यूटर पर भी इसी तरीके से आधार कार्ड का काम चल रहा था। दुकान मालिक सुरेश चौधरी ने भी ऑपरेटर के अंगूठे का क्लोन रबर के अंगूठे से बना रखा है। पड़ताल 2 : आधार में 4 साल उम्र बढ़ाने के मांगे 2 हजार जोधपुर के ओसियां और भीकमकोर में कई ईमित्र संचालक 2 से 3 हजार रुपए लेकर आधार कार्ड में लोगों की उम्र बढ़ा देते हैं। लोग उम्र बढ़वाते हैं सरकारी पेंशन पाने के लिए। इतना ही नहीं इन ई-मित्र पर फर्जी बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट भी बन रहे हैं। सच सामने लाने के लिए रिपोर्टर ग्राहक बनकर भीकमकोर में स्थित बालाजी ईमित्र सेवा केंद्र पर गया। पड़ताल 3 : ई-मित्र संचालक बोला- 1500 रुपए में उम्र बढ़ा देंगे ओसियां में जम्मेश्वर कम्प्यूटर पर ईमित्र संचालक जगदीश विश्नोई से बातचीत… दो भाइयों ने खड़ा किया फर्जी आधार कार्ड बनाने का नेटवर्क ओसियां के खाबड़ा गांव में रहने वाले 2 भाइयों हरिकिशन और टीकूराम बेनीवाल ने फर्जी आधार कार्ड से लेकर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का पूरा नेटवर्क बना रखा था। सबसे पहले आधार कार्ड का सॉफ्टवेयर चुराया सरकार की तरफ से महिला एवं बाल विकास (WCD) विभाग की तरफ से हर जिले में ब्लॉक वाइज आधार कार्ड बनाने की मशीनें बांटी गई। यह मशीन आंगनबाड़ी में आने वाले बच्चों के आधार कार्ड बनाने के लिए थी। हरिकिशन पहले महिला एवं बाल विकास विभाग में आधार कार्ड ऑपरेटर था। विभाग में काम करते हुए ही उसने आधार कार्ड बनाने का सॉफ्टवेयर (ECMP) और डेटा कॉपी चुरा लिया गया। किराए पर ली आईडी, ऑपरेटर के फिंगर प्रिंट वाला रबर का अंगूठा सॉफ्टवेयर होने के बाद भी आधार कार्ड का काम करने के लिए किसी ऑपरेटर की आईडी चाहिए होती है। इसके लिए 5 से 10 हजार रुपए महीने पर ऑपरेटर की आईडी किराए पर ली। आईडी यूजर नेम और पासवर्ड डालने के बाद ऑपरेटर के थम्ब (अंगूठा) इम्प्रेशन से ही सॉफ्टवेयर चालू होता है। इसके लिए नकली रबर का अंगूठा बनवाया, जिसपर ऑपरेटर के फिंगर प्रिंट होते। आधार कार्ड बनवाते समय अंगूठे के रबर को मशीन पर स्कैन करने के बाद काम शुरू करते हैं। हर बार आधार कार्ड बनाते समय या संशोधन करते समय रबर के अंगूठे को मशीन पर स्कैन करना होता है। हरिकिशन : ई-मित्र सेंटर खोले हरिकिशन ने पिछले साल कम्प्यूटर कोर्स कराने के नाम पर लोहावट, ओसियां और खाबड़ में ईमित्र सेंटर खोले और आधार कार्ड बनाने का काम शुरू किया। ओसियां के एसएस कम्प्यूटर में किराये पर जगह लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग की मशीन 52105 से अगस्त से दिसम्बर 2025 तक कई फर्जी आधार कार्ड और जन्मप्रमाण पत्र बनाए। इस दौरान उसके खिलाफ शिकायतें होने लगी तो जनवरी 2026 में महिला एवं बाल विकास विभाग बिलाड़ा की मशीन 52105 से काम करना शुरू कर दिया। शिकायतें ज्यादा होने पर इस पर भी काम करना बंद कर दिया। टीकूराम : करता फर्जी साइन टीकूराम लोहावट जिला अस्पताल में संविदा पर था। उसने अस्पताल के सामने ही कम्प्यूटर कोर्स कराने का एक सेंटर भी खोल रखा था। उसकी भूमिका जन्म प्रमाण बनाने के लिए डॉक्टर और ग्राम विकास अधिकारी के फर्जी साइन बनाने की थी। यही कारण है कि जितने भी फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बने, उनमें लोहावट जिला अस्पताल के डॉक्टर के ही फर्जी ई सिग्नेचर थे। सबूत 1 : पेंशन के लिए बनाए एक दर्जन फर्जी जन्म प्रमाण पत्र दैनिक भास्कर के पास एक दर्जन फर्जी जन्म प्रमाण पत्र की कॉपी है। यह फर्जी जन्म प्रमाण पत्र अगस्त 2025 से फरवरी 2026 के बीच बनाए गए। हरिकिशन ने ये फर्जी प्रमाण पत्र सरकारी पेंशन दिलाने के लिए बनाए गए थे। फर्जी प्रमाण पत्र आधार कार्ड ऑपरेटर हरिकिशन, डालूराम, ईमराराम के नाम से बनाए गए। सबूत 2 : फर्जीवाड़े की रसीदें आधार कार्ड बनाते और संशोधन करते समय पर्ची पर जिस विभाग का सॉफ्टवेयर है, वहां का कोड प्रिंट होकर आता है। भास्कर रिपोर्टर ने ई-मित्र संचालकों के यहां बनने वाले फर्जी आधार कार्ड की पर्चियों की पड़ताल की तो महिला एवं बाल विकास विभाग की मशीन के कोड नजर आए। (52105), (51005), (52402), (52124) नंबर राजस्थान के महिला एवं बाल विभाग की मशीन और (78918) नंबर आसाम के महिला एवं बाल विभाग के थे, जबकि ये मशीनें ओसिया और लोहावट में चल रही हैं। मशीन संख्या 52105 का अधिकृत ऑपरेटर डालूराम, 51005 का ऑपरेटर योगेश कुमार जांगिड़, 52402 का ऑपरेटर इमरताराम और 78918 का ऑपरेटर पवन गोस्वामी है। 4 केस से समझिए ये फर्जीवाड़ा कितना खतरनाक? केस 1 : फर्जी आधार से कार लोन, फिर फर्जी डेथ सर्टिफिकेट गैंग ने भीकमकोर निवासी विजय पुत्र कालूराम के नाम से पहले फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट बनवाया, फिर फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट से फर्जी आधार कार्ड, जबकि इस नाम का कोई आदमी है ही नहीं। इसके बाद कार खरीदने के लिए विजय के नाम से एचडीएफसी बैंक में अकाउंट खुलवाया गया। इसके लिए पैन कार्ड संख्या CLNPV2526A काम में लिया। इसके बाद लोन लेकर एमपी से क्रेटा कार खरीदी। 14 अक्टूबर 2024 को जोधपुर आरटीओ में रजिस्टर्ड करवाया। गैंग के लोगों ने कार से पहले 9 अक्टूबर को एक बाइक भी श्रीराम फाइनेंस कंपनी से लोन लेकर विजय के नाम से खरीदी थी। कार और बाइक खरीदने के दो महीने के बाद 2 दिसंबर 2024 को विजय का मृत्यु प्रमाण पत्र बनाया गया। फर्जी डेथ सर्टिफिकेट लोहावट उप जिला अस्पताल से बनवाया गया। इसमें डॉ. प्रदीप विश्नोई की फर्जी डिजिटल आईडी और सिग्नेचर काम में लिए गए। डेथ सर्टिफिकेट भी दो : विजय के डेथ सर्टिफिकेट भी 2 बनाए गए। दूसरा डेथ सर्टिफिकेट 2 दिन बाद 4 दिसंबर को बनाया। इस बार ग्राम विकास अधिकारी अंकिता मीणा के फर्जी डिजिटल आईडी और सिग्नेचर काम में लिए गए। ओसियां में रहने वाले पुखराज ने इसकी शिकायत जोधपुर आईजी और परिवहन विभाग में कर रखी है। मामले का खुलासा होने पर मतोड़ा ग्राम विकास अधिकारी किशनदान, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी नौसर, अंकिता मीणा तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी भीकमकोर ने 17 मई को मतोड़ा थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। आशंका है कि डेथ सर्टिफिकेट बनाने का मकसद लोन माफ कराने का तो नहीं था। दरअसल, कई केस में सामने आया है कि गैंग के लोग कार और बाइक खरीदने के लिए फाइनेंस से लोन लेते हैं। लोन प्रोटेक्शन इंश्योरेंस भी करवा लेते है। एक से दो किस्त चुकाने के बाद वाहन मालिक का डेथ सर्टिफिकेट बनवा लेते हैं। डेथ सर्टिफिकेट बनने के बाद इंश्योरेंस से कार का लोन भरवा कर कार अपने रिश्तेदारों के नाम करवा लेते हैं। केस 2 : स्कूल फीस से बचने के लिए बेटे का फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट ओसियां के खाबड़ा खुर्द में रहने वाले लिछाराम ने अपने बेटे का एक निजी स्कूल में आरटीआई के तहत एडमिशन कराने के लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाया। लिछाराम के बेटे की डेट ऑफ बर्थ 10 मार्च 2018 थी। लिछाराम ने ई-मित्र से अपने बेटे की डेट ऑफ बर्थ 10 जनवरी 2020 करवा दी। फर्जी जन्म प्रमाण पत्र पर लोहावट उप जिला अस्पताल के डॉक्टर प्रदीप के फर्जी डिजिटल साइन करके बनाया गया था। डॉक्टर प्रदीप ने लोहावट थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। केस 3 : फर्जी जन्म प्रमाण पत्र से महिला की पेंशन शुरू करवाई आरोपियों ने बिलाड़ा के बाल विकास विभाग की आधार कार्ड मशीन के सॉफ्टवेयर से खाबड़ा में रहने वाली महिला मांगी देवी पत्नी ललित कुमार की आधार कार्ड में उम्र 11 साल बढ़ा दी। सरकारी नियमों के अनुसार वृद्धावस्था पेंशन के लिए पुरुष की उम्र 58 और महिला की 55 होनी चाहिए। आरोपियों ने 44 साल की महिला की उम्र को आधार कार्ड में 55 साल करके पेंशन शुरू करवा दी। केस 4 : बिहार की युवती का आधार बनाने के लिए 2 फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट बिहार निवासी शेख असलम ने बेटी का आधार कार्ड बनाने के लिए पहले 1 जनवरी 2005 की तारीख का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाया। आधार कार्ड बनने के बाद असली बर्थ डेट अपडेट करने के लिए फिर से 15 अगस्त 2008 का बर्थ सर्टिफिकेट बनवाया। दो फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मतौड़ा से बनाए गए। बर्थ सर्टिफिकेट में ग्राम विकास अधिकारी किशनदान के फर्जी डिजिटल साइन यूज किए। किशनदान ने मतौड़ा थाने में इसकी शिकायत भी की। फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाकर आधार कार्ड में उम्र बदलते है शिकायतकर्ता पुखराज ने बताया कि आधार कार्ड में उम्र जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर लिखी जाती है। आधार कार्ड में उम्र में बदलाव के लिए आरोपी पहले फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाते हैं। इस जन्म प्रमाण पत्र की कॉपी सॉफ्वेयर में अपडेट करने के बाद आधार कार्ड में उम्र बदल जाती थी। फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए आरोपी ग्राम विकास अधिकारी या डॉक्टर के फर्जी ई सिग्नेचर बनाते थे। फिर सॉफ्टवेयर की मदद से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाते और उसमें अधिकारियों के फर्जी ई सिग्नेचर कॉपी कर देते थे। 8 ई-मित्र पर बना रहे थे फर्जी सर्टिफिकेट ओसियां में एसएस कम्प्यूटर, जम्बेश्वर एवं वीर तेजा ईमित्र, भीकमकोर में बालाजी ईमित्र, पल्ली में श्री जम्बेश्वर ईमित्र, टीआर हाईटेक कम्प्यूटर्स, खाबड़ा में बिना नाम के 2 ई-मित्र। अधिकारियों के तर्क महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक वासुदेव मालावत ने बताया कि- मामले की जांच करवाएंगे | विभागीय आधार मशीनों से छेड़छाड़ या अनाधिकृत संचालन किया जा रहा है तो जांच करवाकर सख़्त कार्रवाई की जाएगी | विभाग के उपनिदशक रावतराम कड़वासरा का कहना है कि- आधार कार्ड का काम गुजरात इंफोटेक कंपनी देखती है। इस मामले की जांच कंपनी के अधिकारी कर रहे हैं। परिवहन विभाग के सहायक प्रशासनिक अधिकारी पंकज मेहता ने बताया कि- मामले की शिकायत आई थी। जांच में पता चला कि विजय नाम का इंसान जीवित ही नहीं है। आशंका है कि आरोपियों ने लोन माफ कराने की नियत से डेथ सर्टिफिकेट बनाया था। विभाग की तरफ से कार्यवाही करते हुए कार की आरसी निरस्त कर दी गई। …. भास्कर इन्वेस्टिगेशन की ये खबरें भी पढ़िए… 1. जयपुर में अवैध डांस बार, ग्राहक उड़ाते हैं नोट:डिमांड पर जमीन पर लेटकर नाचने लगी लड़की, रशियन कॉल गर्ल की 18 हजार तक बोली जयपुर के पॉश इलाकों में बीयर बार की आड़ में अवैध डांस बार चल रहे हैं। अश्लील डांस कर रही बार गर्ल्स पर कस्टमर नोट उड़ाते हैं। रशियन कॉल गर्ल्स बुलाई जाती हैं, जिनकी 7 से 18 हजार रुपए तक बोली लगती है। पूरी खबर पढ़िए… 2. 2000 सिगरेट जितनी खतरनाक ई-सिगरेट, राजस्थान में बिक रही:7 साल पहले बैन, IPL क्रिकेटर पी रहे, दुकानदार बोले- चाहे जितनी मिलेगी, पार्ट-1 राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग हाल ही में जयपुर में मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट (वेप) पीते हुए पकड़े गए थे। लोकसभा के अंदर भी स्पीकर ओम बिरला ने एक सांसद को ई-सिगरेट पीते टोका था। पूरी खबर पढ़िए…