अलवर में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने रिफाइनरी में लगी आग को लेकर कहा कि इतिहास में पहली बार इस तरह की घटना सामने आई है, और अभी तक शुरुआती स्तर पर भी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग कैसे लगी। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना पहले ही 5 साल देरी से चली, जिससे लागत दोगुनी हो गई, और अब इस तरह की घटना सामने आना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। जूली ने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान यह संकेत देते हैं कि सरकार जिम्मेदारी लेने के बजाय एक-दूसरे पर आरोप लगाने में लगी हुई है। भिवाड़ी में थाने के अंदर नाबालिग के साथ मारपीट की घटना पर उन्होंने कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि वे पीड़ित परिवार से मिलने उनके गांव जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए। कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जूली ने कहा कि प्रदेश में लगातार अपराध बढ़ रहे हैं। नाबालिगों के साथ दुष्कर्म, बांसवाड़ा में हत्या और आगजनी जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन मामलों पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स के मामले भी सामने आ रहे हैं, लेकिन सरकार की प्रायरिटी कहीं और है और वह सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने में लगी हुई हैं,रोज दिल्ली जाते है वहां हाजरी लगाकर कुर्सी बचाते हैं। पानी की समस्या को लेकर आवाज उठाने वाली एक महिला पर राजकार्य में बाधा का मुकदमा दर्ज करने को उन्होंने गलत बताया। जूली ने इसे सरकार की तानाशाही करार देते हुए कहा कि आम लोगों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी विरोध करता है, उसके खिलाफ कार्रवाई करवाई जाती है, ऐसे तो कोई अवाज ही नहीं उठा पाएगा।