राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रेम विवाह से जुड़े एक मामले में सुनवाई करते हुए युवती की कस्टडी उसकी बुआ को सौंपने का निर्देश दिया है। अदालत ने कथित फर्जी विवाह प्रमाण पत्र से जुड़े मामले को भी अगली सुनवाई पर पेश करने को कहा है। जस्टिस मुन्नूरी लक्ष्मण और जस्टिस चंद्र प्रकाश श्रीमाली की बेंच के सामने युवती को जोधपुर के राजकीय नारी निकेतन से लाया गया। नारी निकेतन की काउंसलिंग रिपोर्ट में युवती ने अपनी बुआ के साथ जाने की इच्छा जताई थी। बुआ देवी ने भी उसकी कस्टडी लेने पर सहमति दी। अदालत ने रजिस्ट्रार न्यायिक को 'आरती बनाम राजस्थान सरकार एवं अन्य' मामले में दायर सिविल रिट याचिका अगली सुनवाई पर पेश करने का निर्देश दिया। इस याचिका में फर्जी विवाह प्रमाण पत्र के मुद्दे पर विचार किया जाएगा। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर 2026 को तय की है।