राजस्थान हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती परीक्षा-2022 में डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने वाले आरोपी को राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने गिरफ्तार किया है। एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि आरोपी ने प्रतिरूपण (इम्पर्सनेशन) कर धोखाधड़ी से सरकारी नौकरी दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। जांच में सामने आया कि 19 मार्च 2023 को आयोजित हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती परीक्षा में जालौर निवासी महेंद्र कुमार (30) ने दौसा निवासी ब्रजेश कुमार मीणा (27) की जगह डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा दी। यह परीक्षा दौसा के श्री रामकरण जोशी जीएसएसएस, लालसोट रोड स्थित परीक्षा केंद्र पर आयोजित हुई थी। आरोपी जालौर के खिरोड़ी गांव, पोस्ट आकोली, झाब थाना क्षेत्र का निवासी है, जबकि जिसकी जगह परीक्षा दी थी वह महुवा के टिकरी जाफरान का निवासी है। डमी कैंडिडेट बनकर दिलाई नौकरी एसओजी के अनुसार- महेंद्र कुमार द्वारा परीक्षा देने के बाद ब्रजेश कुमार मीणा का चयन हाईकोर्ट एलडीसी पद पर हो गया था और उसकी नियुक्ति धौलपुर के बाड़ी स्थित एसीजेएम कोर्ट में हुई थी। हालांकि मामले का खुलासा होने पर न्यायालय के आदेश से उसे सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। पूछताछ में ब्रजेश कुमार मीणा ने स्वीकार किया कि उसके स्थान पर महेंद्र कुमार ने फर्जी हस्ताक्षरों और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए परीक्षा दी थी, जिससे उसे नौकरी मिली। मामले में थाना एसओजी, जयपुर में दर्ज मामले की जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर 7 जुलाई 2026 को महेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई महानिरीक्षक पुलिस अजयपाल लांबा, उपमहानिरीक्षक भुवन भूषण यादव, पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोहित चौधरी के नेतृत्व में की गई। अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी डमी बनने की जांच एसओजी की जांच में यह भी सामने आया है कि महेंद्र कुमार वर्ष 2022 की प्राध्यापक (स्कूल शिक्षा), वरिष्ठ अध्यापक और वरिष्ठ अध्यापक (संस्कृत शिक्षा) भर्ती परीक्षाओं में भी डमी अभ्यर्थी बनकर शामिल हुआ था। इन सभी मामलों की जांच फिलहाल जारी है।