राजस्थान हाईकोर्ट ने टेंट में रह रहे मालपुरा उपखण्ड क्षेत्र के सोटवाड़ा गांव के घुमंतू कालबेलिया परिवारों को बेदखल करने से जुड़े मामले मे याचिकाकर्ताओं को राहत देते हुए 15 दिन में मालपुरा तहसीलदार के समक्ष समस्त दस्तावेज पेश करने के आदेश दिए हैं। साथ ही मालपुरा तहसीलदार को दो माह मे याचिकाकर्ताओंं से जुड़े प्रकरण के निस्तारण के निर्देश दिए हैं। न्यायाधीश आनंद शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश कचौलिया ग्राम पंचायत के सोटवाड़ा के निवासी प्रभु व अन्य द्वारा अधिवक्ता लक्ष्मीकांत शर्मा मालपुरा के जरिए दायर की गई याचिका का सुनवाई के बाद निस्तारण करते हुए यह आदेश दिए हैं | याचिका में बताया गया था कि याचिकाकर्ता बेहद गरीब हैं और घुमंतू हैं उनके पूर्वज करीब 50 सालों से इस गांव मे टेंट में निवास कर रहे हैं, ग्राम पंचायत ने इनके लिए भूमि आवंटन का भी प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया हैं लेकिन अभी तक भी इनको रहने के लिए भूमि का आवंटन नहीं किया गया है। कोर्ट ने कार्रवाई कर फैसला लेने का आदेश दिया उधर, उपखण्ड अधिकारी मालपुरा ने भी इनके लिए पेयजल के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा हुआ है। लेकिन, मालपुरा तहसीलदार ने इन परिवारोंं को यहां से बेदखल करने पर आमादा हैं। नोटिस राजस्थान भू राजस्व अधिनियम की धारा 91 के तहत जारी कर इन्हे बेदखल करने की कोशिश की जा रही है। जिसे याचिका में चुनौती देते हुए कहा गया था कि यह बेहद गरीब लोग हैं। ग्राम पंचायत सहित अन्य सरकारी विभाग इन परिवारों को बसाने के लिए प्रस्ताव दे चुके हैं ऐसे में उन्हें बेदखल नहीं किया जाए। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद याचिका का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा- 15 दिन में मालपुरा तहसीलदार को अपने समस्त दस्तावेज पेश करे। साथ ही तहसीलदार को निर्देशित किया है कि 2 महीने में कार्रवाई कर फैसला करें।