राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत चुनावों में आरक्षण व्यवस्था को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ किया कि चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद आरक्षण में कोई बदलाव नहीं हो सकता। यह मामला जोधपुर जिले की मंगल नगर समेत अन्य ग्राम पंचायतों से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं ने बताया था कि गांव में एक भी ओबीसी वोटर नहीं होने पर भी सरपंच और वार्ड पद ओबीसी के लिए आरक्षित कर दिए गए थे। याचिकाकर्ताओं ने योग्य उम्मीदवार के बिना चुनाव को गलत बताया और लॉटरी रद्द कर नए सिरे से आरक्षण तय करने की मांग की। जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी की बेंच ने याचिका खारिज कर दी। अनुच्छेद 243-O के तहत चुनावी प्रक्रिया में न्यायिक हस्तक्षेप पर रोक बेंच ने कहा कि राज्य चुनाव आयोग ने कार्यक्रम जारी कर दिया है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243-O के तहत चुनावी प्रक्रिया में न्यायिक हस्तक्षेप पर रोक है। कोर्ट ने साफ किया कि चुनाव समय पर पूरे हों और विवादों का निपटारा चुनाव याचिका से हो सकता है।