अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में हुए डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड की रिपोर्ट हाईकोर्ट ने तलब की है। कोर्ट ने जेल में घटना से जुड़े कैमरों में क्या रिकॉर्ड हुआ, क्या नहीं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्या किसी अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है। इन तमाम बिंदुओं पर कोर्ट ने सरकार और जेल प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश जेल में व्यवस्थाओं के सुधार से जुड़े स्वप्रेरित प्रसंज्ञान मामले में सुनवाई करते हुए दिए। कोर्ट मामले में टिप्पणी करते हुए कहा- प्रदेश की जेलों में यह क्या हो रहा है। हाई सिक्योरिटी जेल में कैमरे में रिकोर्डिंग नहीं हो रही है। कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग की कोई व्यवस्था नहीं है।प्रदेश की जेलों में आसानी से मोबाइल पहुंच रहे हैं। यहां तक कि जेल से प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी धमकी मिल चुकी है। इसके बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। रिपोर्ट के बाद भी व्यवस्थाएं नहीं सुधरी
मामले में न्यायमित्र वकील प्रतीक कासलीवाल ने कहा- कोर्ट लगातार जेलों में व्यवस्था सुधार के लिए निर्देश दे रहा है। हमारी पिछली रिपोर्ट में भी बताया था कि हाई सिक्योरिटी जेल में सीसीटीवी कैमरे ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, कई कैमरों के कनेक्शन तक नहीं है, लेकिन सरकार ने उस रिपोर्ट पर ध्यान तक नहीं दिया। जेल से गिरोह ऑपरेट हो रहे हैं
कोर्ट ने कहा- हम लगातार मीडिया में देखते हैं कि जेल से गिरोह ऑपरेट हो रहे हैं। लोगों को वसूली के लिए जेल से धमकियां दी जाती है। यहां तक कि प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी जेल से धमकी मिल चुकी है। ऐसे में इस तरह की घटना सामने आने के बाद जेल प्रशासन ने अब तक क्या कार्रवाई की। क्या किसी अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है। हाई सिक्योरिटी जेल में गला घोंटकर कर दी थी हत्या
अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया। सेल बंद होने के समय ड्यूटी स्टाफ राउंड पर आया तो सेल में डकैत जगन गुर्जर की बॉडी पड़ी थी। विष्णु से पूछा तो बोला- मैंने मार डाला। पूरी खबर पढ़ें --- ये खबर भी पढ़िए- 1. डकैत जगन गुर्जर की सेल तक कैसे पहुंचा हत्यारा?:जेल में दोनों की अलग-अलग सेल थी; मिलने के लिए आपसी सहमति थी जरूरी अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में नया सवाल खड़ा हो गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जगन गुर्जर को सेल नंबर-5 अलॉट थी। वहीं उसकी हत्या करने वाले आरोपी विष्णु जाट को अलग सेल अलॉट थी। फिर विष्णु कैसे जगन गुर्जर की सेल तक पहुंच गया? (पूरी खबर पढ़ें) 2. बहन पर टिप्पणियां करता था जगन, इसलिए मार डाला:मुस्कुराते हुए सेल से बाहर निकला हत्यारा विष्णु; मर्डर से पहले साथ बैठकर खाना खाया अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। मर्डर से पहले विष्णु और जगन ने साथ बैठकर खाना खाया था। इसके बाद लूडो भी खेला था। प्रारंभिक पूछताछ में विष्णु ने बताया- जगन गुर्जर मेरी बहन पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करता था, इसलिए उसे मार डाला। (पूरी खबर पढ़ें)