कोटा रोड स्थित एक अनुमोदित आवासीय कॉलोनी में नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। साल 2006 में नगर परिषद से स्वीकृत इस कॉलोनी में तीन अवैध मैरिज गार्डन संचालित हो रहे हैं। साथ ही, राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज खसरा संख्या 93 का सरकारी नाला भी बंद कर दिया गया है, जिससे बारिश में जलभराव की समस्या हो रही है। नगर परिषद सूत्रों के अनुसार, राजस्व रिकॉर्ड में करीब 6.19 हेक्टेयर क्षेत्रफल का यह नाला कॉलोनी से होकर खसरा संख्या 210 में स्थित एक तलाई में मिलता था। आरोप है कि मैरिज गार्डन संचालकों ने इस नाले को मिट्टी डालकर बंद कर दिया है, जिससे पानी की प्राकृतिक निकासी बाधित हो गई है। नगर परिषद ने एक आरटीआई जवाब में स्वीकार किया है कि इस भूमि पर अनुमोदित प्लान के अनुरूप गतिविधियां नहीं हो रही हैं। यहां बने भवन भी बिल्डिंग बायलॉज के विपरीत हैं। 'हरियाली', 'आदिनाथ' और 'गणपति' नाम के ये मैरिज गार्डन आवासीय कॉलोनी में नियमों का उल्लंघन कर संचालित किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने इस संबंध में कलेक्टर से शिकायत की थी। हालांकि, राजनीतिक रसूख के कारण लंबे समय से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। नगर परिषद के एक्सईएन भुवनेश मीणा ने बताया कि कॉलोनी में किसी भी मैरिज गार्डन के संचालन की अनुमति नहीं ली गई है और न ही कोई आवेदन प्राप्त हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये गार्डन अनुमोदित योजना के तहत पार्क और ओसीएफ (सार्वजनिक सुविधाओं) के लिए आरक्षित भूमि पर संचालित हो रहे हैं, जबकि इन स्थानों पर स्कूल या सामुदायिक भवन जैसी सुविधाएं विकसित होनी थीं। विधायक भी उठा चुके मुद्दा नोटिस के बाद भी संचालन उन्होंने बताया कि पूर्व में पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा द्वारा इस मुद्दे को उठाया गया था, जिस पर परिषद ने जवाब भी दिया था। इसके बाद मैरिज गार्डन संचालकों और भवन मालिकों को नोटिस जारी किए गए, लेकिन अब तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ। जमीन का सीमाज्ञान करवाकर करेंगे कार्रवाई नगर परिषद एक्सईएन भुवनेश मीणा ने बताया कि नगर परिषद द्वारा जल्द ही राजस्व विभाग की टीम से नाले की जमीन का सीमाज्ञान करवाया जाएगा। इसके बाद संचालकों को अंतिम नोटिस देकर कंवर्जन के लिए कहा जाएगा। यदि इसके बावजूद नियमों का पालन नहीं किया, तो सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।