सलूंबर के सराड़ा वन विभाग क्षेत्र में जयसमंद अभयारण्य के पास सेमाल गांव में एक लेपर्ड ने खेत में काम कर रहे दो किसानों पर हमला कर दिया। इस हमले में दोनों किसान गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले के बाद लेपर्ड पास के एक पेड़ पर चढ़ गया और घंटों वहीं बैठा रहा, जिससे पूरे गांव में दहशत फैल गई। हरी घास काट रहे किसानों पर हमला ग्रामीणों के अनुसार, शंकरलाल पुत्र रोड़ा और वाला पुत्र पेमा अपने खेत में पशुओं के लिए हरी घास काटने गए थे। लेपर्ड पहले से ही ऊंची घास में छिपा हुआ था। जैसे ही शंकरलाल घास काटने लगा, लेपर्ड ने उस पर हमला कर दिया। शंकरलाल की चीख सुनकर पास में काम कर रहे वाला पटेल उसे बचाने दौड़े, जिस पर लेपर्ड ने उन पर भी हमला कर दिया और उन्हें घायल कर दिया। हमले के बाद ग्रामीणों के शोर मचाने पर लेपर्ड पास के एक ऊंचे पेड़ पर चढ़ गया। लेपर्ड की मौजूदगी की खबर फैलते ही मौके पर सैकड़ों ग्रामीण जमा हो गए। ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर लेपर्ड पर नजर रखे हुए थे, लेकिन वह घंटों तक पेड़ से नीचे नहीं उतरा। शरीर पर दांतों और नाखून के गहरे निशान परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल दोनों घायल किसानों को गींगला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया। चिकित्साकर्मियों ने बताया कि दोनों किसानों के शरीर पर लेपर्ड के दांतों और नाखूनों के गहरे निशान हैं। हालांकि, प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले दो से चार महीनों से लेपर्ड इस रिहायशी इलाके में सक्रिय है और कई बछड़ों तथा पालतू मवेशियों का शिकार कर चुका है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तुरंत पिंजरा लगाकर लेपर्ड को पकड़ने और उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग की है। वन विभाग की टीम को भेजा वन विभाग के खैमराज मीणा ने कहा- घटना की सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेज दिया गया है। क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार पिंजरा लगाने की कार्रवाई की जाएगी।