राजस्थान में गैस एजेंसियों पर अब तक पांच किलो वाले सिलेंडर नहीं पहुंचा है, लेकिन कालाबाजारी शुरू हो गई है। इस सिलेंडर के नए कनेक्शन के 1490 रुपए के बजाय 2200 रुपए वसूले जा रहे हैं। इसी तरह 123 के बजाय प्रति किलो 250 रुपए लेकर ब्लैक में गैस रिफिल की जा रही है। ये सब हो रहा है पुलिस स्टेशन से महज 100 मीटर दूर। जयपुर में भास्कर रिपोर्टर ने स्टूडेंट बनकर पड़ताल की तो ये सच सामने आया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… दरअसल, LPG किल्लत के बीच तेल कंपनियों ने प्रवासियों और मजदूरों को राहत दिलाने के लिए 5 किलो का सिलेंडर खरीदना आसान किया। सिर्फ एक आईडी कार्ड से नया कनेक्शन ले सकते हैं। एक तरफ एजेंसी संचालक तारीख नहीं बता पा रहे कि पांच किलो का सिलेंडर कब तक मिलने लगेगा। दूसरी तरफ कालाबाजारी करने वाले एक दिन में पांच किलो के सिलेंडर का कनेक्शन दिलाने का दावा कर रहे हैं। पड़ताल के दौरान भास्कर रिपोर्टर जयपुर के बजाज नगर पुलिस स्टेशन से 100 मीटर दूर एक दुकान पर पहुंचा। दुकान पर कोई नाम नहीं लिखा था। यहां ब्लैक में पांच किलो वाले एलपीजी सिलेंडर बेचे जा रहे थे और अवैध रूप से गैस भरी जा रही थी। स्टूडेंट बनकर पहुंचे रिपोर्टर ने नया सिलेंडर दिलाने और सिलेंडर में गैस भरवाने के बारे में पूछा। दुकान मालिक दोगुना कीमत में दोनों के लिए तैयार हो गया। पढ़िए पूरी बातचीत… …और एजेंसियों से मिला ये जवाब शहर में पांच किलो का एलपीजी वाला सिलेंडर मिल रहा है या नहीं, इसकी पड़ताल के लिए भास्कर रिपोर्टर टोंक फाटक एरिया में उर्मिला गैस सर्विस एजेंसी (भारत गैस), महेश नगर में नीरजा इंडेन गैस एजेंसी, सोडाला में महालक्ष्मी एचपी गैस एजेंसी, लालकोठी में आनंद एचपी गैस एजेंसी पर गया। सभी ने एक ही जवाब दिया- 5 किलो वाले सिलेंडर का अभी स्टॉक नहीं आया है। कब तक आएगा, इसका भी किसी के पास जवाब नहीं था। उर्मिला भारत गैस एजेंसी नीरजा इंडेंन गैस एजेंसी महालक्ष्मी एचपी गैस एजेंसी महंगा, लेकिन चाहे जितनी बार रिफिल करवा सकते हैं वर्तमान में एलपीजी की कमी के चलते कंपनियों ने घरेलू गैस की बुकिंग का नियम 25 दिन का कर रखा है। कॉमर्शियल सिलेंडर मिलना और भी मुश्किल है। इसके विपरीत 5 किलो वाले सिलेंडर की उपलब्धता पेट्रोल पंपों, गैस एजेंसियों पर अन​लिमिडेट कर दी है। एक व्यक्ति जब चाहे यहां से 5 किलोग्राम का सिलेंडर रिफिल करवा सकता है। दावा- सप्लाई पर असर के कारण छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ाई पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव की वजह से एनर्जी लॉजिस्टिक्स पर असर पड़ा है। इसे देखते हुए सरकार ने छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ाने का भी फैसला किया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 23 मार्च से अब तक लगभग 6.6 लाख छोटे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। अकेले 4 अप्रैल को ही 90,000 यूनिट्स की बिक्री हुई। अधिकारियों का कहना है कि डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट्स पर स्टॉक की कोई कमी नहीं है। …. राजस्थान में घरेलू गैस से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… हर महीने घरेलू-गैस पर बच सकते हैं 150 रुपए तक:5 लाख PNG कनेक्शन का टारगेट, जानें- क्या फायदा और चुनौतियां राजस्थान के सरकारी बंगलों और क्वार्टर की रसोई में अब लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) की बजाय पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) इस्तेमाल की जाएगी। पूरी खबर पढ़िए…