राजस्थान में पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले 235 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी मिलेगी। खिलाड़ियों के 286 आवेदनों में से 235 को नियुक्ति के लिए मंजूरी दी गई है। चयनित खिलाड़ियों को पुलिस, वन और आबकारी विभाग में नियुक्तियां दी जाएंगी। इससे खेलों में उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में आने का अवसर मिलेगा। राज्य सरकार ने 286 आवेदनों में से 235 खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नियुक्ति देने की मंजूरी दी है। इनमें 9 खिलाड़ियों को डीएसपी, 2 को वन विभाग और पुलिस में तथा 224 खिलाड़ियों को कॉन्स्टेबल, आबकारी और जेल विभाग में नियुक्ति मिलेगी। खास बात यह है कि नियुक्ति पाने वालों में 73 पैरा खिलाड़ी भी शामिल हैं। सरकार दिसंबर 2023 से अब तक 187 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दे चुकी है। राज्य सरकार दिसंबर 2023 से अब तक 187 पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नियुक्तियां दे चुकी है। सरकार का कहना है कि खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के अनुरूप सम्मान और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए यह प्रक्रिया जारी है। 9 खिलाड़ियों को DSP, 224 को कॉन्स्टेबल सहित अन्य पदों पर नियुक्ति मुख्य सचिव वी श्रीनिवास कि अध्यक्षता में हुई बैठक में श्रेणी-ए के तहत 9 खिलाड़ियों को पुलिस उप अधीक्षक (DSP) पद पर नियुक्ति देने के प्रस्ताव मंजूर किए गए। श्रेणी-बी में 2 खिलाड़ियों को वन विभाग में पेट्रोलिंग ऑफिसर ग्रेड-2 और राजस्थान पुलिस में उप निरीक्षक पद पर नियुक्ति की स्वीकृति दी गई। वहीं, श्रेणी-सी के तहत 224 पदक विजेता खिलाड़ियों को पुलिस में कॉन्स्टेबल, आबकारी विभाग में सिपाही और आबकारी रक्षक तथा जेल विभाग में उप जेलर के पदों पर नियुक्ति देने के प्रस्ताव मंजूर किए गए। इस श्रेणी में 73 पैरा खिलाड़ी भी शामिल हैं। लंबित मामलों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि पदक विजेता खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के अनुरूप सम्मान और रोजगार के अवसर समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हों, ताकि वे प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित कर सकें। उन्होंने अधिकारियों को पात्र खिलाड़ियों के खेल प्रमाण-पत्रों के सत्यापन, लंबित प्रकरणों और ट्रांसफर से जुड़ी बाधाओं का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए। वन विभाग में कार्यरत खिलाड़ियों की समस्याओं पर भी चर्चा बैठक में वन विभाग में पदस्थापित खिलाड़ियों की वर्तमान स्थिति, उनकी विशिष्ट सेवा संबंधी कठिनाइयों और समाधान के लिए आगामी विभागीय कार्ययोजना पर मंथन किया गया। खिलाड़ियों को नियमों में छूट देने और आवश्यकता के अनुसार अन्य विभागों में समायोजित करने के संबंध में भी चर्चा कर निर्णय लिया गया। मुख्य सचिव ने खेल विभाग और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से खिलाड़ियों के पदस्थापन और अन्य लंबित प्रक्रियाएं जल्द पूरी करने के आदेश दिए। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव वन विभाग आनंद कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव युवा मामले और खेल विभाग प्रवीण गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह विभाग भास्कर सावंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग दिनेश कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।