राजस्थान के जल संसाधन विभाग मंत्री सुरेश रावत ने कहा कि गोविंद डोटासरा झूठ का ढोल हैं। उनको कोई भी सुबह कुछ कहकर जाता है। इसके बाद सुबह से बोलना चालू होंगे और शाम तक बोलते रहेंगे। वो यह नहीं सोचते कि इसमें सत्य क्या है, असत्य क्या है। वह जिम्मेदार पोस्ट पर हैं, उन्हें ऐसे भ्रम की राजनीति नहीं करनी चाहिए। उदयपुर के सर्किट हाउस में पत्रकारों से रूबरू होते हुए रावत ने कहा कि भजनलाल सरकार किसान, आम आदमी की भावना के अनुरूप काम करने वाली सरकार है। हम न तो हम किसी के दबाव में आते हैं और न ही हम किसी से डरते हैं। हम जनता के हित का काम करते हैं। जहां तक आप विपक्ष के लोगों की बात कर रहे हो, जूली जी की, डोटासरा जी की, निश्चित रूप से वे विपक्ष में हैं और अपना काम कर रहे हैं। विपक्ष के लोगों को काम करना भी चाहिए लेकिन वे जिस तरह से एक झूठा माहौल बना रहे हैं, लोगों को बरगलाने का काम कर रहे हैं, उनको ऐसा नहीं करना चाहिए। कांग्रेस भ्रम फैलाने का काम ज्यादा कर रही रावत ने कहा कि हम भी विपक्ष में रहे हैं। देश के अंदर सर्वाधिक सरकार कांग्रेस ने चलाई हैं। हम तो सरकार में अब आए हैं। उनको सोचना चाहिए और विपक्ष की भूमिका अच्छी तरह निभानी चाहिए। अगर कोई कमी-खामी लगे तो सुझाव देना चाहिए। हम सबका तो उद्देश्य यही है कि प्रदेश की जनता का ज्यादा से ज्यादा कैसे भला हो, कैसे गुड गवर्नेंस चले। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विपक्ष की भूमिका निभाएं, लेकिन विपक्ष की भूमिका वे कम निभा रहे हैं और भ्रम फैलाने की भूमिका वे ज्यादा निभा रहे हैं। बांधों से पानी के लिए करोड़ों रुपए मंजूर मंत्री रावत ने कहा कि जाखम बांध से जयसमंद झील और जयसमंद से बड़गांव डेम और बड़गांव से मातृकुंडिया डेम और मातृकुंडिया से मेजा बांध, भीलवाड़ा तक पानी डायवर्जन करने की पुरानी मांग है। इसे पूरा करते हुए मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के अनुसार डीपीआर के लिए लगभग साढ़े बारह करोड़ रुपए राजस्थान सरकार ने स्वीकृत कर दिए है। उन्होंने कहा कि यह बड़ी परियोजना है और हमारी ओर से डीपीआर लगभग पूरा है। जो केंद्रीय जल आयोग को सबमिट करने जा रहे हैं। वहां के अप्रूवल मिलने के बाद इस पर काम चालू करेंगे। इसकी लागत लगभग 10,000 करोड़ रुपए आएगी। इससे हम सिंचाई का काफी बड़ा तंत्र विकसित करेंगे। पीने के पानी की समस्या का भी इससे समाधान होगा। सिंचाई विभाग के करोड़ों के काम स्वीकृत रावत ने कहा कि इसके अलावा उदयपुर जोन में दो सालों में 678 करोड़ रुपए सिंचाई विभाग के माध्यम से कामों की स्वीकृति राज्य सरकार ने दी है। इस साल की 2026-27 में 275 करोड़ रुपए ऐतिहासिक राशि दी है। ढाई सालों का बजट का आकलन करें तो लगभग 900 करोड़ रुपए की लागत से यहां पर सिंचाई विभाग के काम बड़े वृहद स्तर रहे हैं। रावत ने कहा कि देवास थर्ड और देवास फोर्थ पर भी काम जारी है। फॉरेस्ट की कुछ एनओसी वगैरह आनी बाकी है। जहां फॉरेस्ट का बाधा नहीं है, वहां पर हमने काम चालू किया है। टनल का काम हमने स्टार्ट कर दिया है और जहां डैम बनना है वहां भी कांट्रेक्टर ने अपना इंफ्रा डेवलप कर लिया है। जैसे ही हमें पूरी क्लीयरेंस मिलेगी उस पर हम तेजी से काम चालू करेंगे। बागोलिया फीडर का काम जारी रावत ने कहा कि मावली के पास बागोलिया फीडर का भी लगभग 200 करोड़ रुपए का कार्य जारी है। इससे 180 एमसीएफटी पानी से लगभग 3700 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इसके अलावा खारी फीडर, राजसमंद का भी लगभग 121 करोड़ रुपए लागत से काम हो रहा है। यह राजसमंद जिले के लिए बड़ी सौगात है। मंत्री रावत ने कहा कि बंगाल जैसे महत्वपूर्ण राज्य जो हमारे भारतवर्ष के लिए है उसमें भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है। असम के अंदर हम रिपीट कर रहे हैं।