राजस्थान और मध्य प्रदेश पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुके 1.69 लाख रुपए के इनामी अंतरराज्यीय तस्कर सुनील रावत मीणा (27) को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने पकड़ लिया है। आठ महीने की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने 'ऑपरेशन नीलमणि' के तहत मध्य प्रदेश के नीमच जिले के जीरण थाना क्षेत्र में 7 जुलाई की आधी रात में कार्रवाई की। टीम उसे लेकर जयपुर आई। सुनील जंगलों में बार-बार ठिकाने बदल रहा था। उसकी पत्नी जंगल में उसे खाना पहुंचाती थी। उसको पकड़ने के लिए 15 दिनों तक चरवाहा बनकर कॉन्स्टेबल जानकारी जुटाता रहा था। आईजी (ANTF) विकास कुमार ने बताया कि सुनील राजस्थान के नारको टॉप-25 अपराधियों में शामिल है। उस पर एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास और धोखाधड़ी समेत 19 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। आरोप है कि वह पाली के सांडेराव, देसूरी और प्रतापगढ़ के छोटी सादड़ी में पुलिस टीमों पर फायरिंग कर चुका था, जिसमें कॉन्स्टेबल रणवीर और चंद्रपाल घायल हुए थे। उसने एमपी की जीरन (नीमच) पुलिस पर भी हमला किया था। ANTF की कार्रवाई की PHOTOS… जंगलों में बदल रहा था ठिकाने सुनील कई साल से अपने घर से फरार था और जंगलों में लगातार ठिकाने बदल रहा था। उसकी पत्नी तय जगह पर खाना छोड़ जाती थी और उसके साथी उसे जंगल में सुनील तक पहुंचाते थे। इस चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए ANTF ने करीब 15 दिन पहले अपने एक जवान को चरवाहे के भेष में उसके गांव नीमच (MP) के जीरन थाना क्षेत्र के गमेरपुरा भेजा था। गर्लफ्रेंड के संपर्क में था सुनील गांव की ही एक युवती (गर्लफ्रेंड) के संपर्क में था और एक छोटे बच्चे के बहाने उससे संदेशों का आदान-प्रदान करता था। मुख्यालय स्तर पर उसके पूरे नेटवर्क की तकनीकी निगरानी की जा रही थी। दोनों इनपुट मिलते ही पुलिस अलर्ट हो गई। घर में चल रही थी दावत, तेज बारिश ने बिगाड़ा तस्कर का प्लान 8 जुलाई को कार्रवाई वाले दिन चरवाहा बने जवान ने जानकारी जुटाई कि सुनील के घर में दावत चल रही है। इसी दौरान तेज बारिश शुरू हो गई। पुलिस ने सटीक अनुमान लगाया कि भारी बारिश के कारण सुनील रात में वापस जंगल नहीं जाएगा। दबिश का आंखों देखा हाल... आधी रात को पुलिस टीम ने चारों तरफ से घर की घेराबंदी कर दबिश दी। सुनील की पत्नी ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करते हुए कहा कि घर में कोई नहीं है। जब गहन तलाशी ली गई, तो सुनील अर्द्धनग्न अवस्था में एक ड्रम के पीछे रजाई ओढ़कर छिपा मिला। पकड़े जाने पर उसने पुलिस को झांसा देने के लिए अपना नाम 'दिनेश' बताया। सख्ती से पूछताछ में उसकी पोल खुल गई। गैंग के अन्य सदस्यों के जुटने की आशंका के चलते पुलिस उसे तुरंत वहां से लेकर रवाना हो गई। क्या है ऑपरेशन नीलमणि ऑपरेशन नीलमणि राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा चलाया गया संयुक्त अभियान था। 8 महीने लंबे अभियान का उद्देश्य राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुख्यात अंतरराज्यीय ड्रग माफिया सुनील मीणा को पकड़ना था।