राजस्थान के ज्यादातर लोकसभा सांसद हर साल मिलने वाले 5-5 करोड़ रुपए का फंड खर्च करने में कंजूसी दिखा रहे हैं। इस लिस्ट में कई केंद्रीय मंत्रियों के नाम भी हैं। पर्यटन और कला संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत दो साल में सिर्फ 74 लाख 40 हजार रुपए ही खर्च किए हैं। जबकि कांग्रेस सांसद हरीश चंद्र मीना ने फंड से एक रुपया भी खर्च नहीं किया है। 19 जून, 2026 तक कांग्रेस-बीजेपी के ज्यादातर सांसदों का करोड़ों रुपये का फंड बिना खर्च हुए पड़ा है। सभी सांसदों को सड़क, स्कूल, अस्पताल और बुनियादी सुविधाओं को ठीक करने के लिए 3 बार 5-5 करोड़ रुपये का फंड मिल चुका है। केंद्र सरकार की ‘सांसद निधि’ वेबसाइट से आंकड़े दिखाते हैं कि प्रदेश के सांसद इस फंड का इस्तेमाल करने में काफी पीछे हैं। मंडे स्पेशल स्टोरी में पढ़िए- सांसदों ने विकास के लिए मिले पैसे का कितना इस्तेमाल किया है एक भी रुपए खर्च नहीं करने वाले सांसद टोंक-सवाई माधोपुर से सांसद हरीश चंद्र मीना ने सांसद विकास निधि से एक रुपया भी खर्च नहीं किया है। मीना ने इस सीट से लगातार दो बार के भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया को हराया था। हर साल 5 करोड़ के हिसाब से उन्हें अब तक 15 करोड़ का फंड जारी हुआ था। हरीश मीना ने 19 जून, 2026 तक एक भी विकास कार्य की अनुशंसा नहीं की है। इनके एमपी लैड फंड में 14 करोड़ 70 लाख का फंड है। सबसे कम खर्च करने वाले सांसद कांग्रेस सांसद हरीश चंद्र मीना को छोड़ दें तो सबसे कम फंड इस्तेमाल करने वालों में जोधपुर से बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत हैं। उन्होंने अबतक 14 करोड़ 70 लाख के फंड से लगभग 74 लाख रुपए के काम की अनुशंसा की है। इसके बाद बीजेपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और चित्तौड़गढ़ से सांसद चंद्रप्रकाश जोशी का नाम है। उन्होंने अबतक 14 करोड़ 70 लाख में से 1 करोड़ 4 लाख से ज्यादा रुपए के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। झालावाड़-बारां से सांसद दुष्यंत सिंह एक करोड़ 33 लाख से ज्यादा रुपए के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। वहीं, करौली-धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव ने 2 करोड़ 79 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। भूपेंद्र यादव, हनुमान बेनीवाल और संजना जाटव अव्वल संजना जाटव: राजस्थान में विकास कार्य के लिए सांसद निधि से सबसे अधिक खर्च करने वाले सांसदों में भरतपुर सांसद संजना जाटव पहले नंबर पर हैं। संजना जाटव दो साल में 14 करोड़ 70 लाख में से 11 करोड़ से ज्यादा विकास कार्यों की अनुशंसा कर चुकी हैं। भूपेंद्र यादव: अलवर सांसद और केंद्रीय मंत्री यादव भी दिल खोलकर विकास कार्यों की अनुशंसा कर रहे है। उन्होंने 2 साल में 10 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। हनुमान बेनीवाल: नागौर सांसद भी सांसद निधि से विकास कार्य कराने में पीछे नहीं है। दो साल के एमपी लैड फंड 14 करोड़ 70 लाख में से 9 करोड़ 79 लाख से ज्यादा के विकास कार्यों की अनुशंसा कर चुके हैं। अर्जुनराम मेघवाल: बीकानेर सांसद और केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम भी 14 करोड़ 70 लाख में से 8 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों की अनुशंसा कर चुके हैं। सभी 25 लोकसभा पर सांसदों का रिपोर्ट कार्ड पढ़िए... भरतपुर : कांग्रेस सांसद संजना जाटव ने 26 जून, 2026 तक सांसद विकास निधि से 11 करोड़ 92 लाख रुपये का काम की अनुशंसा की है। अलवर : बीजेपी सांसद केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने 10 करोड़ 50 लाख रुपए के काम की अनुशंसा (रिकमेंड) किया है। बाड़मेर : उम्मेदाराम बेनीवाल ने 9 करोड़ 68 लाख रुपये के काम की अनुशंसा की है। भीलवाड़ा : दामोदर अग्रवाल ने 9 करोड़ 64 लाख रुपये की काम की अनुशंसा की है। दौसा : मुरारी लाल मीना 5 करोड़ 84 लाख रुपये के काम की अनुशंसा कर चुके हैं। श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ : कुलदीप इंदौरा 6 करोड़ 40 लाख रुपये की विकास कार्यों की अनुशंसा की है। जयपुर : मंजू शर्मा ने 8 करोड़ 57 लाख रुपये से ज्यादा के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। जयपुर ग्रामीण : राव राजेंद्र सिंह ने 4 करोड़ 48 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। जालोर : लुंबाराम 8 करोड़ 27 लाख विकास कार्यों की अनुशंसा की है। झुंझुनूं :बृजेंद्र सिंह ओला ने 7 करोड़ 83 लाख विकास कार्यों की अनुशंसा की है। करौली-धौलपुर : भजनलाल जाटव ने 2 करोड़ 79 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। राजसमंद : महिमा कुमारी मेवाड़ ने 8 करोड़ 88 लाख रुपये से ज्यादा के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। सीकर : अमराराम ने 7 करोड़ 79 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। टोंक-सवाई माधोपुर : हरीश चंद्र मीना ने एक भी रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा नहीं की है। उदयपुर : मन्नालाल रावत ने 6 करोड़ 35 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। बीकानेर : अर्जुनराम मेघवाल ने 8 करोड़ 79 लाख रुपए के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। चित्तौड़गढ़ : चंद्रप्रकाश जोशी ने 1 करोड़ 4 लाख से ज्यादा रुपए के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। चूरू : राहुल कस्वां 9 करोड़ 74 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा कर चुके हैं। झालावाड़-बारां : दुष्यंत सिंह एक करोड़ 33 लाख से ज्यादा रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। जोधपुर : गजेंद्र सिंह शेखावत 14 करोड़ 70 लाख में 74 लाख 40 हजार के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। पाली : पीपी चौधरी ने 2 करोड़ 63 लाख से ज्यादा रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। अजमेर : भागीरथ चौधरी ने 9 करोड़ 95 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। कोटा : लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सांसद निधि की राशि 14 करोड़ 70 लाख में से 4 करोड़ 33 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। बांसवाड़ा : राजकुमार रोत ने 9 करोड़ 67 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। नागौर : हनुमान बेनीवाल ने 9 करोड़ 79 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ सांसद कुलदीप इंदौरा से सीधी बात सवाल : 2 वर्ष में एमपीलैड फंड से कितना बजट खर्च किया है? जवाब : मैं दो वित्तीय वर्ष में सांसद निधि से 6 करोड़ 40 लाख से ज्यादा के विकास कार्यों की अनुशंसा कर चुका है। मेरा प्रयास है कि सांसद निधि की राशि स्कूल, अस्पताल और आंगनबाड़ी पर खर्च हो। मेरा बजट हर ग्राम पंचायत पर खर्च हो। सवाल : कांग्रेस-बीजेपी के कई सांसदों ने फंड बहुत कम खर्च किया है, क्या वजह है? जवाब : यह सांसद का व्यक्तिगत अधिकार है कि वह फंड से कितना खर्च करेंगे और कब खर्च करेंगे। कई सांसद चुनाव से ठीक पहले ही एमपी लैड फंड खर्च करते हैं। यह सांसद का निजी मामला है। सवाल : एमपीलैड फंड का बजट समय पर खर्च क्यों नहीं करते हैं? जवाब : देखिए, मेरा तो प्रयास रहता है कि जो अनुशंसा हो उस पर बजट खर्च हो। प्रस्ताव आते ही विकास कार्यों की अनुशंसा कर देता हूं। जैसा- आपने कहा केंद्रीय मंत्री ने बजट खर्च नहीं किया तो मेरा मानना है कि यह उनका व्यक्तिगत मामला है। कब फंड जारी करेंगे। कहां खर्च करना है। यह उनका व्यक्तिगत मामला है। सवाल : क्या बजट पर्याप्त है? जवाब : लोकसभा क्षेत्र में 8 विधानसभा क्षेत्र हैं। एमपीलैड फंड से मिली राशि का वितरण करना बड़ा मुश्किल है। क्योंकि मेरे पास अनुशंसा ही 100 करोड़ से ज्यादा की आई हुई है। हमें 5 साल में 25 करोड़ रुपए के फंड ही मिलते हैं। यह बजट अपर्याप्त है। केंद्र सरकार को बजट बढ़ाना चाहिए।