19 जुलाई 2009 का दिन। दोपहर बाद 3.30 बजे पाली में अपने ऑफिस में बैठे एसपी को पुलिस कंट्रोल रूम से वायरलेस मैसेज मिला कि इंद्रको की ढाणी गांव में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या कर दी गई है।
चारों शव उन्हीं (मृतकों) के खेत में पड़े हैं। यह गांव रोहट थाना क्षेत्र में आता है, लेकिन जिला मुख्यालय से महज 15 किमी दूर है। मैसेज मिलते ही एसपी भी घटनास्थल के लिए रवाना हुए। वहां पहले से ही रोहट एसएचओ व पाली ग्रामीण सीओ टीम के साथ मौजूद थे। ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई थी। पाली से सरदारसमंद रोड पर खेत में चार लोगों की बॉडी इधर-उधर बिखरी हुई पड़ी थी। चारों बॉडी खून से लथपथ थी और उन पर धारदार हथियार से हुए घाव दिख रहे थे। चारों बॉडी के मुंह व चेहरे किसी ज्वलनशील पदार्थ से जले हुए थे। वहां मौजूद ग्रामीण व मृतकों के परिजनों को संभाल रहे थे। मृतकों की पहचान इंद्रको की ढाणी निवासी 60 साल के बाबू खान उर्फ उस्मान गनी, उसके भाई शरीफ खान और 28 साल के लाल मोहम्मद व 25 साल के साबिर मोहम्मद के रूप में हुई। लाल मोहम्मद व साबिर मोहम्मद सगे भाई थे, जो बाबू खान के बेटे थे। पुलिस ने घटनास्थल की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी कराई। एफएसएल एवं एमओबी की टीम को मौके पर बुलाया। उसके बाद चारों शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमाॅर्टम कराया गया। 19 जुलाई 2009 को हुआ था हत्याकांड 19 जुलाई 2009 को हुए इस हत्याकांड को लेकर पुलिस की ओर से कोर्ट में पेश की गई चार्जशीट में बताया गया है कि रोहट के इंद्रको की ढाणी गांव के पास पाली-सरदार समंद मार्ग पर 12 बीघा जमीन को लेकर बाबू खान और शकूर खान के बीच झगड़ा चल रहा था। असल में बाबू खान (मृतक) के पिता हकीम खान और आरोपी शकूर खान की मां सगे भाई-बहन थे। हकीम खान व शकूर की मां की मौत बरसों पहले हो गई, जिनकी शादी भी इसी गांव में हुई थी। यह 12 बीघा जमीन बाबू खान के पिता हकीम खान के नाम से राजस्व रिकार्ड में दर्ज है। आरोपी शकूर खान का दावा था कि इस जमीन में 6 बीघा जमीन उसकी मां का हक है, जो हकीम खान की बहन थी। जमीन को लेकर चल रहा था झगड़ा जमीन पर मालिकाना हक को लेकर शकूर खान का अपने ममेरे भाई बाबू खान व शरीफ खान से झगड़ा चल रहा था। मामला कोर्ट-कचहरी तक गया। कोर्ट ने फैसला बाबू खान व शरीफ खान के पक्ष में दिया, लेकिन आरोपी शकूर व उसके चारों बेटे इस फैसले को मानने को तैयार नहीं थे। वे लोग इस जमीन में से 6 बीघा जमीन अपनी बताते हुए दावा जता ममेरे भाई बाबू खान व शरीफ खान को मारने के लिए उतारू हो रहे थे। पुलिस की जांच में पता चला कि जमीन पर अपना हक जताते हुए इंद्रको का ढाणी निवासी शकूर खान पुत्र अल्फू खान तेली (60) अपने पुत्र शहाबुद्दीन, उस्मान खान, रहीम बक्श कालू खान के साथ लगातार अपने ममेरे भाई बाबू खान व शरीफ खान और उसके परिवार को धमका रहे थे, जबकि कोर्ट ने बाबू व शरीफ के पक्ष में फैसला दिया था। जुलाई माह में बाबू अपने परिवार के लोगों के साथ खेत की जुताई की तैयारी कर रहा था। यह बात आरोपियों को पता लगी तो उन्होंने धमकाया कि खेत की जमीन पर पैर रखा तो पैर काट देंगे। आरोपियों ने धमकाया था कि खेत में जुताई की तो किसी को भी जिंदा नहीं छोड़ेंगे। ट्रैक्टर लेकर खेत के लिए निकले थे घटना वाले दिन 19 जुलाई, 2009 को दिन में करीब 3 बजे बाबू खान अपने भाई शरीफ और बेटे साबिर व लाल मोहम्मद के साथ ट्रैक्टर से खेत की जुताई करने घर से रवाना हुआ। इस बात की भनक आरोपी शकूर खान को लगी तो वह अपने बेटे शहाबुद्दीन, उस्मान खान, रहीम बक्स और कालू खान के साथ पहले से ही खेत पर पहुंच गया। पिचकारी से पहले तेजाब डाला, फिर हथियारों से हमला आरोपियों ने लाठी, कूट, तलवार देसी कट्टे और तेजाब से भरी पिचकारियां अपने पास जमा कर रखी थी। यह बात बाबू खान वाले पक्ष को पता नहीं थी। वे चारों निहत्थे खेत पर पहुंच गए। बाबू खान अपने भाई शरीफ, बेटे साबिर व लाल मोहम्मद के साथ ट्रैक्टर से जुताई करने के लिए जैसे ही अपने खेत में घुसा, उसी समय वहां आ धमके शकूर खान ने अपने बेटे शहाबुद्दीन, उस्मान खान, रहीम बक्स और कालू खान के साथ उन पर हमला बोल दिया। वे लोग संभल भी नहीं पाए कि आरोपियो ने पिचकारियों से तेजाब उन पर उड़ेल दिया। इससे बाबू समेत चारों लोगों के चेहरे, आंखें व शरीर झुलसने लगे। यह देख आरोपियों ने उन चारों को घेर कर हथियारों से हमला कर दिया। घायलावस्था में चारों लोग जान बचाकर भागने लगे तो आरोपियों ने उन पर ट्रैक्टर चढ़ा दिए। ट्रैक्टर से कुचलने से चारों खेत में ही अधमरी हालत में ढेर हो गए। पुलिस की ओर से से पेश की गई चार्जशीट में बताया गया है कि तेजाब से झुलसने, हथियारों से हमला और ट्रैक्टर के नीचे कुचलने से चारों लोग मरणासन्न हो गए थे। वे हिल-डुल भी नहीं पा रहे थे। तड़पते लोगों के मुंह से बार-बार पानी-पानी की आवाज निकल रही थी। वे लोग आरोपियों से पानी पिलाने की गुहार कर रहे थे। मगर आरोपियों पर इस कदर खून सवार था कि उन्होंने साथ लाए और तेजाब को पिचकारियों में भरा और पानी मांग रहे घायलों के मुंह में उड़ेल दिया। कल राजस्थान क्राइम फाइल्स, पार्ट-2 में पढ़िए आगे की कहानी…