राजस्थान की 457 पंचायत समितियां में पंडित दीनदयाल उपाध्याय चारागाह विकास व गौ माता आश्रय स्थल बनेगा। इसके लिए सरकार ने पंचायत समितियों से प्रस्ताव लेना शुरू कर दिया। करीब 150 बीघा में बनने वाले गौ माता आश्रय स्थल में चारागाह, वृक्षारोपण, गोबर से खाद बनाने वर्मी कंपोस्ट, फार्म पोंड, गायों के बैठने के लिए शेड निर्माण, और चारा भंडारण की व्यवस्था होगी। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा राजस्थान की 457 पंचायत समितियों में पंडित दीनदयाल उपाध्याय चारागाह विकास व गौ माता आश्रय स्थल बनेगा। एक-एक आश्रय स्थल 150 -150 बीघा में बनेगा। उसमें लगभग 50 बीघा का चारागाह होगा 50 बीघा का जंगल होगा,वहीं तालाब बनेगा और गायों के बैठने के लिए शेड लगेगा। गौ माता इसी चारागाह में भोजन करेगी और घूमेगी। इसके लिए पंचायत समितियों से प्रस्ताव लेना शुरू कर दिया है। मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि देश में 30-40 साल पहले गोवंश को चराने की परंपरा थी। गांव के लोग मिलकर एक ग्वाला नियुक्त करते थे। वो सभी गोवंश को चराने जाता था। शाम को सारी गायें घर आ जाती थी। गोबर व गोमूत्र घर में गिरता था तो पवित्र रहता था। उस कारण गोवंश बूचड़खाने नहीं जा पाती थी, पॉलिथीन भी नहीं खा पाती थी। अब ऐसा नहीं होने से बहुत सारे नुकसान हो रहे हैं।