भरतपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में गुरुवार को राजस्थान पुलिस का 77वां पुलिस स्थापना दिवस मनाया गया, जिसमें 264 पुलिसकर्मियों को विभिन्न सेवा श्रेणियों में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आईजी कैलाश चंद विश्नोई मुख्य अतिथि रहे और उन्होंने मार्च पास्ट की सलामी ली। इस दौरान पुलिसकर्मियों को निष्पक्ष रहकर जनता की सेवा करने का संकल्प दिलाया गया। विभिन्न श्रेणियों में 264 पुलिसकर्मियों को सम्मान कार्यक्रम में अलग-अलग श्रेणियों में पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा के लिए 2 पुलिसकर्मियों को सम्मान मिला, जबकि पुलिस सेवा पदक से 2 को सम्मानित किया गया। डीजीपी डिस्क की ओर से 10 पुलिसकर्मियों को सम्मान दिया गया। अति उत्तम सेवा के लिए 81, सर्वोत्तम सेवा चिन्ह से 21, अति उत्कृष्ट सेवा के लिए 37 और उत्कृष्ट सेवा के लिए 50 पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया। वहीं उत्तम सेवा चिन्ह से 61 पुलिसकर्मियों को सम्मान मिला। आईजी ने ली मार्च पास्ट की सलामी कार्यक्रम के दौरान पुलिस परेड ग्राउंड में परेड हुई, जिसमें आईजी कैलाश चंद विश्नोई ने मार्च पास्ट की सलामी ली। उन्होंने कहा कि 16 मार्च 1949 को राजस्थान पुलिस अध्यादेश के जरिए पुलिस का एकीकरण हुआ था, इसलिए 16 अप्रैल को पुलिस दिवस मनाया जाता है। निष्पक्ष सेवा का दिलाया संकल्प आईजी ने पुलिसकर्मियों से कहा कि भरतपुर की भूमि वीरता और सांस्कृतिक गौरव की प्रतीक रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस की पहचान सड़कों से ज्यादा लोगों के दिलों में होनी चाहिए। पुलिसकर्मियों को संकल्प दिलाया गया कि वे बिना किसी पक्षपात के सेवा करेंगे और कानून के शासन को सर्वोपरि रखते हुए हर नागरिक की गरिमा की रक्षा करेंगे।