आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को दिल्ली में कहा, 'आज की नई पीढ़ी बहुत सारे सवाल पूछती है। हमें आदेश देने की बजाय उनसे बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें हर बात के पीछे का तर्क समझाना चाहिए, न कि आदेश देना चाहिए। संवाद के जरिए ही उन्हें सही दिशा दिखाई जा सकती है। हम मनमानी करेंगे, शक्ति से सबके मालिक बनेंगे, ऐसा नहीं हो सकता। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर छात्र जंतर-मंतर प्रदर्शन कर रहे हैं। पहले माता-पिता की बात ही अंतिम होती थी, लेकिन आज नहीं मोहन भागवत ने कहा, ‘पहले के समय में माता-पिता की बात बिना किसी सवाल के मान ली जाती थी। जब हम छोटे थे, तो माता-पिता जो कहते थे, वही अंतिम होता था।’ भागवत की पिछली 3 स्पीच… 2 जुलाई: भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग शरणार्थी नहीं:उन्होंने संपत्ति नहीं, देश चुना; ताकि बिना डरे अपने धर्म का पालन कर सकें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि 1947 के विभाजन के बाद पाकिस्तान से भारत आने वाले लोगों को शरणार्थी कहना सही नहीं है। वे 'संघर्ष के योद्धा' थे, जिन्होंने कई पीढ़ियों की बनाई जमीन, कारोबार और संपत्ति छोड़कर भारत को चुना। उन्होंने कहा कि ये लोग इसलिए भारत आए, क्योंकि यहां बिना डर अपने धर्म का पालन कर सकते थे। भारत को एक रखने की लड़ाई हम सब हार गए थे, लेकिन उन्होंने अपना विश्वास नहीं छोड़ा। पूरी खबर पढ़ें.. 15 जून: भागवत बोले- RSS गुप्त संगठन नहीं, सरकार जानती है, 100 साल में किसी ने रजिस्ट्रेशन करवाने को नहीं कहा RSS प्रमुख मोहन भागवत ने केरल के त्रिशूर में संघ के शताब्दी वर्ष कार्यक्रम के दौरान रजिस्ट्रेशन के सवाल पर कहा- देश में कई ऐसी संस्थाएं हैं, जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। संघ के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। दरअसल, भागवत से पूछा गया था कि कर्नाटक सरकार ने RSS की गतिविधियों को गुप्त बताते हुए कहा है कि संगठन को रजिस्ट्रेशन कराना चाहिए। इसके जवाब में उन्होंने कहा- संघ को किसी को जवाब देने की जरूरत नहीं है। यह कोई गुप्त संगठन नहीं है, बल्कि खुलकर काम करता है। सरकार जानती है कि संघ का अस्तित्व है। पूरी खबर पढ़ें… 7 फरवरी: भागवत बोले- संघ कहे तो पद छोड़ दूंगा, कोई भी हिंदू RSS प्रमुख बन सकता है; सावरकर को भारत रत्न देने से पुरस्कार की गरिमा बढ़ेगी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि यदि संघ उनसे पद छोड़ने को कहेगा, तो वे तुरंत ऐसा करेंगे। आमतौर पर 75 साल की उम्र के बाद किसी पद पर नहीं रहने की परंपरा की बात कही जाती है। RSS प्रमुख ने कहा कि सरसंघचालक बनने के लिए क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र या ब्राह्मण होना कोई योग्यता नहीं है। जो हिंदू संगठन के लिए काम करता है। वही सरसंघचालक (RSS प्रमुख) बनता है। पूरी खबर पढ़ें… -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… कॉकरोच पार्टी के अभिजीत दीपके को टाइफाइड हुआ:पुलिस ने जंतर-मंतर पर बैरिकेडिंग बढ़ाई, प्रधान के इस्तीफे पर आज जवाब देगी सरकार कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके को टाइफाइड हो गया है। उन्होंने शनिवार को वीडियो जारी कर यह जानकारी दी। वहीं, दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार देर रात जंतर-मंतर पर बैरिकेडिंग बढ़ा दी है। पूरी खबर पढ़ें…