सीकर में 8 साल की बच्ची से रेप करने के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। पॉक्सो कोर्ट 1 में जज विक्रम चौधरी ने सजा सुनाते हुए टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा- ‘यदि वर्तमान के समाज में इस तरह के अपराध होते रहे तो छोटे बच्चे अपने घरों के बाहर खेलने से भी डरेंगे। ’ घटना 21 मई 2025 की है। बता दें कि आरोपी पूर्व में भी नाबालिग से रेप के मामले में सहयोगी रह चुका था। इसी कोर्ट ने उस मामले में मुख्य आरोपी को 7 साल की सजा सुनाई गई थी। जबकि इस आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए इससे बरी कर दिया गया था। बरी होने के बाद भी आरोपी नई सुधरा और 8 साल की मासूम से रेप किया। टॉफी का लालच देकर लेकर गया था आरोपी सरकारी वकील भवानी सिंह जेरठी ने बताया-21 मई 2025 को पीड़िता के माता-पिता अपने मजदूरी करने गए थे। उनकी आठ साल की बेटी घर पर थी। बच्ची शाम करीब 5 बजे घर के पास बच्चों के साथ खेल रही थी। तब आरोपी आया और खेल रहे बच्चों को टॉफी का लालच दिया। इसके बाद पीड़ित बच्ची को खंडहर में चला गया। उसके माता-पिता घर लौटे तो बेटी नहीं मिली। माता-पिता को लहूलुहान मिली थी बेटी माता-पिता को आस-पास तलाश करने पर बच्ची खंडहर में लहूलुहान हालत में पड़ी मिली। उसने अपने माता-पिता को बताया कि एक बुजुर्ग सा दिखने वाला आदमी खंडहर में लेकर आया था। बच्ची ने जैसे-तैसे आपबीती बताई। उसने बताया कि प्राइवेट पार्ट में डंडा डाला था। माता-पिता बच्ची को लेकर हॉस्पिटल पहुंचे और पुलिस को शिकायत देकर मुकदमा दर्ज करवाया था। मामला दर्ज होने के कुछ ही घंटे में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया गया था। 12 जून 2025 को मामले में चार्जशीट पेश की गई थी। इस केस को केस ऑफिसर स्कीम में शामिल किया गया था। पीड़ित प्रतिकर स्कीम में 5 लाख देने की अनुशंसा मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 31 गवाह,61 दस्तावेज और 17 आर्टिकल पेश किए गए थे। जिसके आधार पर आज जज विक्रम चौधरी ने फैसला सुनाते हुए आरोपी को आखिरी सांस तक जेल और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। घटना के बाद पीड़िता को पीड़ित प्रतिकर स्कीम 1.75 लाख रुपए दिए गए थे। अब कोर्ट की ओर से इसके अतिरिक्त 5 लाख रुपए देने की अनुशंसा की गई है।