आरएएस परीक्षा 2024 के परिणाम में बांसवाड़ा जिले के युवाओं ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से सफलता का इतिहास रचा है। किसी ने खेत की मिट्टी से उठकर, तो किसी ने नौकरी के साथ सेल्फ स्टडी कर यह मुकाम हासिल किया है। पढ़िए युवाओं की RAS-2024 की जर्नी… पहले प्रयास में ही बनीं RAS, 8-10 घंटे की मेहनत ​शहर के ओसवाल वाड़ा निवासी शर्ली जैन ने टीएसपी क्षेत्र में 8वीं रैंक और ऑल राजस्थान में 94वीं रैंक हासिल की है। शर्ली ने कोचिंग के बजाय सेल्फ स्टडी पर भरोसा किया। यूपीएससी मुख्य परीक्षा देने का अनुभव उनके काम आया और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की। पिता शैलेश जैन ठेकेदार हैं और माता हिमा जैन गृहिणी हैं। शर्ली के अनुसार, सब्र और फोकस ही जीत की कुंजी है। असफलताओं के बाद मिली बड़ी जीत ​सज्जनगढ़ तहसील के मोटापाड़ा निवासी रामलाल ने हार न मानने की मिसाल पेश की है। लगातार असफलताओं के बाद अपने तीसरे प्रयास में उन्होंने TSP(ST) में 8वीं रैंक प्राप्त की। रामलाल की सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। उनकी इस यात्रा में उनके बड़े भाई राजेंद्र डामोर (द्वितीय श्रेणी शिक्षक) का अहम योगदान रहा। दूसरी बार मिली सफलता ​सज्जनगढ़ की आकांक्षा पटेल ने आरएएस परीक्षा में लगातार दूसरी बार सफलता का परचम लहराया है। उन्होंने ऑल राजस्थान में 689वीं और टीएसपी में 24वीं रैंक सिल की है। आकांक्षा वर्तमान में अजमेर में प्रशिक्षु नायब तहसीलदार के रूप में कार्यरत हैं। पिछली सफलता के बाद भी उन्होंने अपनी मेहनत जारी रखी और अपनी रैंक में सुधार किया। लैब असिस्टेंट से RAS तक का सफर ​बड़ोदिया निवासी रोहित सोलंकी ने टीएसपी में 15वीं और राजस्थान में 360वीं रैंक हासिल की है। किसान परिवार से आने वाले रोहित के परिवार में पहले कोई सरकारी नौकरी में नहीं था। 2020 में वे लैब असिस्टेंट बने और अब तीसरे प्रयास में आरएएस की बाधा पार की। वर्तमान में वे पीएमश्री स्कूल बड़ोदिया में कार्यरत हैं। उनके छोटे भाई हार्दिक भी लैब असिस्टेंट हैं।