राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 पेपर लीक मामले में एसओजी ने एक और आरोपी विनोद कुमार जाट उर्फ विनोद रेवाड़ को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर परीक्षा से पहले सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान का लीक पेपर उपलब्ध कराने और उसे हल करवाने का आरोप है। अब तक आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा सहित कुल 70 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ADG एसओजी विशाल बंसल ने बताया- आरोपी विनोद कुमार जाट को 12 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। आरोपी को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया। जिसके बाद आरोपी को 20 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में रखा गया है। उससे पूछताछ जारी है। बस में पकड़े गए थे अभ्यर्थी और डमी परीक्षार्थी मामला 23 दिसंबर 2022 का है। जब उदयपुर जिले के बेकरिया थाने में पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान की एक बस से मूल अभ्यर्थियों और डमी परीक्षार्थियों को सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान के हल प्रश्नपत्र के साथ पकड़ा था। इसके बाद 25 दिसंबर 2022 को बेकरिया थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि संगठित पेपर लीक गिरोह ने अभ्यर्थियों से अवैध राशि लेकर 24 दिसंबर 2022 को होने वाली वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र समय से पहले लीक किया था। गिरोह के सदस्यों ने अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के साथ उसे हल भी करवाया था। तीन जगह अभ्यर्थियों को पढ़ाया गया लीक पेपर जांच के अनुसार, आरोपी अरुण शर्मा उर्फ राजेंद्र शर्मा को आरोपी अनिल कुमार मीणा उर्फ शेर सिंह मीणा ने परीक्षा से पहले सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान के प्रश्नपत्र की एक प्रति उपलब्ध कराई थी। इसके बाद अरुण शर्मा ने विनोद कुमार जाट की ओर से उपलब्ध कराए गए अभ्यर्थियों को अलग-अलग स्थानों पर प्रश्नपत्र पढ़ाया और हल करवाया था। इन जगहों पर लीक पेपर पढ़ाया गया (इन तीनों स्थानों पर कुल 29 अभ्यर्थियों से 57 लाख रुपए की अवैध राशि प्राप्त करने की बात जांच में सामने आई थी।) चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप एसओजी के अनुसार, गिरोह ने अवैध साधनों का इस्तेमाल कर अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया और उन्हें हल करवाकर लाभ पहुंचाया। इससे योग्य अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया में नुकसान होने और अन्य आरोपियों को अनुचित लाभ मिलने का आरोप है। विनोद कुमार जाट के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 120बी तथा राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 की धाराओं 3, 6 और 10 के तहत अपराध प्रमाणित पाए जाने पर उसे गिरफ्तार किया गया है। 70 आरोपियों की गिरफ्तारी इस मामले में अब तक अनिल कुमार मीणा उर्फ शेर सिंह, भूपेंद्र सारण, सुरेश कुमार सऊ और आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा सहित कुल 70 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एसओजी आरोपी विनोद जाट से पूछताछ कर पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।