राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की प्राध्यापक (हिंदी) स्कूल शिक्षा प्रतियोगी परीक्षा-2022 में फर्जी डिग्री के जरिए नियुक्ति दिलाने के मामले में सहयोगी आरोपी को गिरफ्तार किया है। SOG ने आरोपी को 13 जुलाई को पकड़ा था, जिसके बाद कोर्ट में पेश कर 17 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि मामले में सहयोगी आरोपी अशोक विश्नोई उर्फ अशोक चोटिया को गिरफ्तार किया है। भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थी ब्रह्मा कुमारी ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी, गंगरार (चित्तौड़गढ़) से जारी एमए (हिंदी) की डिग्री पेश की थी। RPSC की ओर से सत्यापन कराने पर यह डिग्री फर्जी पाई गई। फर्जी डिग्री उपलब्ध कराने में निभाई अहम भूमिका जांच में सामने आया कि आरोपी अशोक विश्नोई ने महेंद्र सिंह राव के माध्यम से डॉ. सुरेश कुमार से संपर्क किया और उनकी बहन ब्रह्मा कुमारी के लिए मेवाड़ यूनिवर्सिटी के नाम से फर्जी मार्कशीट और डिग्री उपलब्ध करवाई। जांच में यह भी प्रमाणित हुआ कि आरोपी ने विश्वविद्यालय के तत्कालीन डीन कौशल किशोर चंद्रूल से संपर्क कर फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने में भूमिका निभाई। अब तक 15 आरोपी गिरफ्तार इस मामले में फर्जी डिग्री हासिल करने वाली ब्रह्मा कुमारी सहित अब तक कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, फर्जी डिग्री उपलब्ध कराने के संबंध में अजमेर के सिविल लाइंस थाने में दर्ज एक अन्य मामले में भी आरोपी की भूमिका की जांच जारी है। पहले भी हो चुका है गिरफ्तार SOG के अनुसार अशोक विश्नोई उर्फ अशोक चोटिया को जोधपुर जिले के कुड़ी भगतासनी थाना क्षेत्र में दर्ज एक अन्य प्रकरण में भी पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक अजयपाल लाम्बा, उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव, पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्याम सुंदर विश्नोई के नेतृत्व में SOG अजमेर यूनिट द्वारा की गई। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश और जांच जारी है