खैरथल के किशनगढ़बास विधायक दीपचंद खैरिया ने विधानसभा में संविदा कर्मियों के नियमितीकरण को लेकर सवाल पूछा था। इसके जवाब में सरकार ने साफ कर दिया कि फिलहाल ऐसी कोई योजना विचाराधीन नहीं है। विधायक का यह अतारांकित प्रश्न था, जिसके लिखित जवाब में संयुक्त शासन सचिव मुन्नी मीणा ने बताया कि प्लेसमेंट एजेंसियों की जगह एक सरकारी एजेंसी बनाने पर विचार जरूर किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा था ज्ञापन विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले संविदा कर्मियों का एक प्रतिनिधिमंडल विधायक दीपचंद खैरिया से मिला था। उन्होंने विधायक को अपनी समस्याएं बताईं और ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाने का आग्रह किया था। इसी के बाद विधायक ने सदन में यह सवाल उठाया। सरकार बोली- नियमितीकरण की कोई योजना विचाराधीन नहीं जवाब में सरकार ने कहा कि वर्तमान में संविदा कर्मियों को नियमित करने या संविदा भर्ती से समायोजित करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। हालांकि प्लेसमेंट एजेंसियों के स्थान पर एक सरकारी एजेंसी के माध्यम से इन कार्मिकों की सेवाएं लेने की योजना पर मंथन किया जा रहा है। समसा सहित कई विभागों में सालों से सेवारत हैं कर्मचारी समग्र शिक्षा अभियान (समसा) सहित विभिन्न सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में कर्मचारी वर्षों से निजी प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से सेवाएं दे रहे हैं। लंबे समय से ये कर्मचारी नियमितीकरण की मांग करते आ रहे हैं।