राजस्थान के स्थानीय अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। राज्य पात्रता परीक्षा (SET) पास करने वाले अभ्यर्थियों को अब नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट की तर्ज पर सीधे पीएचडी (PhD)में प्रवेश की पात्रता मिल सकती है। इसके लिए परीक्षा आयोजक कोटा यूनिवर्सिटी ने राज्य सरकार और यूजीसी को पत्र लिखकर इसकी पुरजोर वकालत की है। कोटा यूनिवर्सिटी के कुलगुरू प्रो. बीपी सारस्वत ने बताया- इस बार सेट परीक्षा के लिए जरूरी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। प्रो. सारस्वत ने बताया कि आगामी 13 सितंबर को सेट परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। अभ्यर्थियों की सुविधा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इसके परीक्षा केंद्र केवल संभाग स्तर पर ही बनाए जाएंगे। कुलगुरू ने बताया कि परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया तेजी से चल रही है। अब तक करीब 70 हजार अभ्यर्थी फॉर्म भर चुके हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई है। प्रो. सारस्वत ने अभ्यर्थियों से अपील करते हुए कहा कि सभी अभ्यर्थी लास्ट डेट का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपना फॉर्म भरें, ताकि लास्ट समय में किसी भी तकनीकी समस्या या सर्वर डाउन होने जैसी परेशानी से बचा जा सके। इस बार बढ़े विषय, 30 की जगह 37 सब्जेक्ट्स में एग्जाम यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस बार परीक्षा का दायरा भी बढ़ाया है। साल 2023 में जहां केवल 30 सालों के लिए सेट परीक्षा का आयोजन किया गया था, वहीं इस बार इसे बढ़ाकर 37 विषय कर दिया गया है। इससे अधिक से अधिक विषयों के छात्रों को राजस्थान में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का मौका मिलेगा। कुलगुरू प्रो. बीपी सारस्वत ने कहा कि हमारी टीम ने इस पर गंभीरता से विचार किया है। कुलगुरू प्रो. बीपी सारस्वत ने बताया- जब देश में नेट पास करने वाले अभ्यर्थी को पीएचडी एडमिशन के लिए सीधा पात्र माना जाता है तो राजस्थान के 'सेट' पास बच्चों को यह अधिकार क्यों नहीं मिलना चाहिए? हम सेट परीक्षा में भी उसी सिलेक्शन प्रोसिजर और कड़े मानकों का प्रयोग कर रहे हैं। जो नेट परीक्षा में अपनाए जाते हैं। कोटा यूनिवर्सिटी ने यूजीसी और राज्य सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि वे प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटीज को निर्देश जारी करें कि सेट पास अभ्यर्थियों को भी पीएचडी के लिए पात्र माना जाए। कुलगुरू ने पूरी उम्मीद जताते हुए कहा कि सरकार और यूजीसी से सकारात्मक निर्णय आने की उम्मीद है।