प्रदेश में सरकारी स्कूलों में शैक्षिक गतिविधियों, व्यवस्था और विभागीय योजनाओं की निगरानी के लिए अब ब्लॉक से लेकर संभाग स्तर तक हर महीने समीक्षा बैठक होगी। शिक्षा विभाग ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए बैठक कैलेंडर निकाला है। जिसमें अधिकारियों को तय समय पर बैठक करने और उनमें हुई चर्चा, निर्णयों और कार्रवाई का विवरण शाला दर्पण पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। हर महीने में 3 चरणों में ये बैठकें की जाएंगी, जिसमें स्कूल से संबंधित समस्याओं पर चर्चा होगी। इसी के साथ इस महीने की समीक्षा बैठकों को भी टाइम टेबल के हिसाब से करने को कहा गया है। ये आदेश उपनिदेशक (योजना) सुषमा भाणावत की ओर से जारी किया गया है। तीन चरणों में होगी बैठक विभागीय कैलेंडर के अनुसार, हर महीने के पहले हफ्ते में ब्लॉक समीक्षा बैठक (बीआरएम) होगी, जिसकी अध्यक्षता संबंधित मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) करेंगे। दूसरे सप्ताह में जिला समीक्षा बैठक (डीआरएम) होगी, जिसकी अध्यक्षता मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी करेंगे। तीसरे सप्ताह में संभाग समीक्षा बैठक (जेडआरएम) होगी। इसकी अध्यक्षता संयुक्त निदेशक, स्कूल शिक्षा करेंगे। इसके बाद हर बैठक की कार्रवाई शाला दर्पण मॉड्यूल पर अपलोड करना जरूरी होगा। समीक्षा के साथ जवाबदेही भी तय हो शिक्षक संघ एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा) राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा- सरकारी स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने के लिए नियमित समीक्षा बैठकें उपयोगी साबित हो सकती हैं। हालांकि, बैठकों का उद्देश्य केवल आंकड़ों की समीक्षा और पोर्टल पर कार्यवाही विवरण अपलोड करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि स्कूलों में आने वाली वास्तविक समस्याओं का समाधान भी किया जाना चाहिए। सलावद ने कहा- शिक्षकों की शैक्षिक और गैर-शैक्षिक समस्याओं, रिक्त पदों, आवश्यक संसाधनों, विद्यार्थियों के सीखने के स्तर और विभागीय योजनाओं की प्रगति पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए। बैठकों में लिए गए निर्णयों की समयबद्ध पालना की समीक्षा भी अगली बैठक में की जानी चाहिए, ताकि जिम्मेदारी तय हो सके और समस्याओं का समाधान जमीनी स्तर पर दिखाई दे।