सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती-2021 रद्द ही रहेगी। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने सोमवार को ट्रेनी SI (चयनित अभ्यर्थियों) की स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा- हम दिल्ली में बैठकर पता नहीं कर सकते हैं कि राजस्थान में क्या हो रहा है। लेकिन जिस तरह से रोज हमारे सामने भर्ती की गड़बड़ी के 20 मामले (आरोपियों की जमानत व अन्य) सामने आ रहे हैं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा- पानी के गिलास में दो-तीन बूंद जहर की गिरने पर उसे पानी से अलग नहीं कर सकते हैं। पूरा गिलास ही फेंकना पड़ता है। उसी तरह से इस भर्ती में सही-गलत की छंटनी वर्तमान परिस्थितियों में संभव नहीं है। एसआई भर्ती में संस्थागत (सिस्टमैटिक) लीक हुआ है। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के एक सदस्य को पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है, जो प्रणालीगत स्तर पर गंभीर खामियों का संकेत है। इस आरोपी की जमानत भी सुप्रीम कोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है। दूषित चयन प्रक्रिया को अप्रूवल नहीं दे सकते सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि ऐसी स्थिति में दोषी और निर्दोष अभ्यर्थियों का पृथक्करण (सेपरेशन) ही एकमात्र वैधानिक उपाय होता है, लेकिन वर्तमान स्थितियों में यह संभव नहीं है। बेंच ने उदाहरण देते हुए कहा- NEET में 44 एमबीबीएस अभ्यर्थी पकड़े गए थे, तब भी सुप्रीम कोर्ट ने पूरी भर्ती रद्द कर दी थी। यह टिप्पणी परीक्षा में धांधली के मामलों में कठोर मानक अपनाने का संकेत है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि राजस्थान में बड़े पैमाने पर हुए पेपर लीक से दूषित चयन प्रक्रिया को वह मंजूरी (अप्रूवल) नहीं दे सकती है। हाईकोर्ट के फैसले को दी थी चुनौती राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त 2025 को इस भर्ती को रद्द करने का फैसला सुनाया था। इसके बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ (डिवीजन बेंच) ने 4 अप्रेल 2026 को फैसला सुनाते हुए इस आदेश को बरकरार रखा था। खंडपीठ के इसी फैसले को चयनित अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन वहां से भी उन्हें निराशा हाथ लगी है। तत्कालीन चेयरमैन से कहा- कोई टिप्पणी नहीं हटेगी इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आज तत्कालीन RPSC चेयरमैन संजय श्रोत्रिय की अपील को भी खारिज कर दिया। संजय श्रोत्रिय ने एकलपीठ द्वारा उनके खिलाफ की गई टिप्पणियों को लेकर एसएलपी दायर की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने एसएलपी को खारिज करते हुए कहा कि आप चेयरमैन थे। आपकी चेयरमैनशिप में ही सबकुछ हुआ है। यह सार्वजनिक हित से जुड़ा मामला है, कोई भी टिप्पणी नहीं हटेगी। दरअसल, एकलपीठ ने 28 अगस्त 2025 को भर्ती रद्द करते हुए पेपर लीक में RPSC के तत्कालीन अध्यक्ष और सदस्यों की भूमिका पर सवाल खड़े किए थे। कोर्ट ने कहा था कि चेयरमैन ने ऐसे सदस्य को परीक्षा की जिम्मेदारी दी, जिस पर पहले ही दूसरी भर्ती के पेपर लीक में शामिल होने के आरोप लग चुके थे। उसी सदस्य ने परीक्षा से 35 दिन पहले भर्ती का पेपर रद्द कर दिया। … मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… एसआई भर्ती-2021 रद्द ही रहेगी:हाईकोर्ट की एकलपीठ का फैसला बरकरार; कहा- आयोग में राजनीतिक नियुक्तियां नहीं होनी चाहिए राजस्थान हाईकोर्ट ने SI भर्ती-2021 रद्द की:आदेश- जो सरकारी नौकरी छोड़कर एसआई बने, उन्हें पुरानी जॉब वापस मिलेगी