राजस्थान हाईकोर्ट ने सब-इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती-2021 की पुन: परीक्षा को लेकर याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत दी है। जस्टिस गणेशराम मीणा की अदालत ने आरपीएससी को गुरुवार को निर्देश दिए कि वे सभी याचिकाकर्ताओं को फॉर्म एडिट का मौका देकर प्रोविजनली परीक्षा में शामिल करें। अदालत ने यह आदेश हवा सिंह व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिए। कोर्ट ने कहा कि प्रशासनिक असुविधा किसी पात्र अभ्यर्थी को अवसर से वंचित करने का वैध आधार नहीं हो सकती हैं। दरअसल, आयोग ने 8 मई को प्रेसनोट जारी करके मूल परीक्षा में दोनों पेपर देने वाले अभ्यर्थियों को ही 16 से 30 मई तक आवेदन एडिट करने का मौका दिया था। जबकि याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उन्होने मूल भर्ती विज्ञापन के तहत आवेदन तो किया था, लेकिन विभिन्न वास्तविक एवं अपरिहार्य कारणों से परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो सके। जिसके कारण उन्हें पुनः भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया हैं। वहीं आरपीएससी की ओर से कहा गया था कि 4 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने मूल परीक्षा में केवल एप्लीकेशन फॉर्म भरा था, लेकिन परीक्षा नहीं दी थी। इनमें से कई अभ्यर्थी अन्यत्र नौकरी लग चुके होंगे। कई अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी छोड़ चुके होंगे। अगर हम सभी को अलाऊ करते हैं तो हमें 4 लाख फॉर्म की अतिरिक्त छंटनी करनी होगी, जो बहुत मुश्किल काम है। 'भर्ती प्रक्रिया में शामिल' शब्द की संकीर्ण व्याख्या की गई याचिकाकर्ताओं की ओर से बहस करते हुए अधिवक्ता रघुनंदन शर्मा ने कहा कि हाईकोर्ट ने एसआई भर्ती-2021 को रद्द करते हुए साल 2021 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। वहीं इस आदेश की पुष्टि सुप्रीम कोर्ट ने भी 4 मई 2026 को की थी। इसलिए 'भर्ती प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थी' का अर्थ केवल लिखित परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं माना जा सकता हैं। सभी अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा तभी हो सकती है, जब पुन परीक्षा में सभी अभ्यर्थियों को शामिल होने का समान अवसर दिया जाए। इस पर कोर्ट ने अपने आदेश में माना कि 'भर्ती प्रक्रिया में शामिल' शब्द की संकीर्ण व्याख्या कर केवल परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों तक सीमित करना प्रथम दृष्टया उचित नहीं है। ऐसे में कोर्ट ने सितंबर में होने वाली परीक्षा में याचिकाकर्ताओं को शामिल करने के निर्देश दिए। भर्ती में 7.95 लाख अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन दरअसल, एसआई भर्ती-2021 में करीब 7.95 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। हालांकि 13 से 15 सितंबर 2021 में आयोजित लिखित परीक्षा के दोनों प्रश्न पत्रों में 3 लाख 83 हजार 097 अभ्यर्थी ही बैठे थे। ऐसे में आयोग अब पुन: परीक्षा में भी इन्हीं अभ्यर्थियों को ही शामिल कर रहा है। कोर्ट ने रद्द कर दी थी भर्ती राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त 2025 को SI भर्ती-2021 को रद्द करने का फैसला सुनाया था। इसके बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ (डिवीजन बेंच) ने 4 अप्रैल 2026 को फैसला सुनाते हुए इस आदेश को बरकरार रखा था। खंडपीठ के इस फैसले को ट्रेनी SI (चयनित अभ्यर्थियों) ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन 4 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने चयनित अभ्यर्थियों की स्पेशल लीव पिटीशन को खारिज कर दिया।