बूंदी में छात्रों को कानूनी रूप से जागरूक करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया गया है। 'एम्पावरिंग राजस्थान यूथ ए लीगल लिटरेसी इनिशिएटिव-2026' योजना के तहत अब स्कूलों में शिक्षक के साथ-साथ न्यायाधीश भी कक्षाएं लेंगे। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने इस पहल के तहत 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे' अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान अप्रैल माह के पहले मंगलवार से प्रारंभ हो चुका है। इसके अंतर्गत बूंदी जिले के 24 सिविल जज से लेकर डीजे कैडर तक के न्यायाधीश 592 चयनित स्कूलों में छात्रों को कानूनी साक्षरता का पाठ पढ़ाया। इन कक्षाओं में छात्रों को साइबर सुरक्षा, साइबर बुलिंग, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सरिता मीणा ने बताया कि यह अभियान राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की पहल पर शुरू हुआ है। इसका शुभारंभ सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधिपति सूर्यकांत ने 20 फरवरी को साइबर लॉ पर आयोजित राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस में किया था, जबकि प्रदेशव्यापी क्रियान्वयन अब शुरू हुआ है। अभियान के तहत कक्षा 8 से 12वीं तक के छात्रों के लिए कॉमन सेशन आयोजित किए गए। पहले दिन बूंदी जिले में पदस्थापित न्यायिक अधिकारी पंकज नरूका, सुमन गुप्ता, संजय कुमार गुप्ता, सरिता मीणा, डॉ. विवेक शर्मा, मीनाक्षी मीना, दुदा राम खोकर, भावना भार्गव, डॉ. मनोज तिवारी, जाकिर हुसैन, अंबिका, सीमा संदू, आदित्य वशिष्ठ, सिद्धांत सक्सैना, पैनल लॉयर, लीगल एड डिफेंस काउंसिल और पैरा लीगल वॉलंटियर्स ने 2054 छात्रों को लाभान्वित किया। यह अभियान आगामी एक साल तक चलेगा, जिसमें हर माह के पहले और तीसरे मंगलवार को एक विशेष विषय पर छात्रों को जागरूक किया जाएगा। शुरुआत साइबर सुरक्षा से हुई है। भविष्य में दैनिक जीवन से जुड़े कानून, संवैधानिक अधिकार, विधिक सहायता, बाल अधिकार, महिला अधिकार और जिम्मेदार नागरिकता जैसे विषयों पर व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी।