सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकन बढ़ाने के लिए डाबी क्षेत्र में 'प्रवेशोत्सव जागरूकता अभियान' चलाया जा रहा है। राजस्थान पंचायतीराज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में यह अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य गवर्नमेंट उच्च माध्यमिक, उच्च प्राथमिक और आंगनबाड़ी केंद्रों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना है। अभियान की शुरुआत अमर शहीद नानक भील स्मारक से हुई, जहां विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मिलकर एक विशाल चेतना रैली निकाली। ब्लॉक अध्यक्ष भंवर सिंह हाड़ा ने बताया कि इस बार विशेष रणनीति के तहत सभी पीईईओ और शिक्षक भील समुदाय की बस्तियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। शिक्षकों की टोलियां घर-घर जाकर अभिभावकों को शिक्षा का महत्व समझा रही हैं और बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित कर रही हैं। हाड़ा ने इस प्रयास को 'राष्ट्रीय कर्तव्य' बताते हुए आमजन से सहयोग की अपील की। कार्यक्रम के दौरान भील जनजाति के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को शील्ड देकर सम्मानित किया गया। इसका उद्देश्य अन्य बच्चों में भी शिक्षा के प्रति प्रतिस्पर्धा और उत्साह पैदा करना है। वक्ताओं ने जोर दिया कि ऐसे सामूहिक प्रयासों से न केवल स्कूलों में नामांकन बढ़ेगा, बल्कि समाज में एक सकारात्मक शैक्षिक माहौल भी तैयार होगा। इस अभियान में एसीबीईओ शिवचरण मीना, प्रदेश महामंत्री गोपाल जी मीना, सलाहकार दशरथ सिंह सोलंकी, जिला अध्यक्ष वीरेंद्र मीणा, समाजसेवी गजराज सिंह हाड़ा, फूलचंद जैन, मांगीलाल भील (जिला अध्यक्ष), पीईईओ धनराज महावर, राजेश मीणा और नंदकिशोर मेघवाल सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और ग्रामीण उपस्थित रहे। ब्लॉक तालेड़ा के एसीबीईओ शिवचरण मीणा ने कहा, "शिक्षा ही किसी भी समाज को आगे बढ़ाने की एकमात्र कुंजी है। सरकार हर घर तक शिक्षा पहुंचाने के लिए सतत प्रयास कर रही है। हमारा लक्ष्य है कि डाबी ब्लॉक में एक भी बच्चा अनामांकित (स्कूल से बाहर) न रहे।" संगठन के राधेश्याम भील, ओमप्रकाश गुप्ता, मनीष मेवाड़ा और शिक्षक गिरिराज प्रसाद नागर, प्रमोद कोलवाल, रतन लाल भील, फुलनता बाई, गायत्री बाई भी इस अवसर पर मौजूद रहे। कंटेंट: शंकर सिंह डाबी