झालावाड़ जिले के पनवाड़ क्षेत्र के अकोदिया गांव में सोमवार को ग्रामीणों ने सरकारी स्कूल में ताला लगाकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन शिक्षकों के बीच लगातार हो रहे विवादों के कारण पढ़ाई बाधित होने के विरोध में किया गया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। ग्रामीणों और छात्रों ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय को करीब 2 घंटे तक बंद रखा। उनका आरोप था कि स्कूल में शिक्षकों के बीच आए दिन होने वाले झगड़ों से बच्चों की पढ़ाई चौपट हो रही है। इसी नाराजगी के चलते ग्रामीणों ने यह कदम उठाया। सूचना मिलने पर शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश की। बीईओ सियाराम नागर ने बताया कि दो शिक्षकों के बीच आपसी विवाद हुआ था। मामले को शांत करने के लिए तीन शिक्षकों को खानपुर बीईओ कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया है। साथ ही, एक जांच कमेटी का गठन कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। बीईओ नागर ने यह भी बताया कि इस मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। विभागीय जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की उचित कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में दोनों शिक्षकों ने एक-दूसरे के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पनवाड़ थानाधिकारी जाकिर हुसैन ने बताया कि 10 अप्रैल को कार्यवाहक प्रधानाचार्य राकेश कुमार और एक अन्य शिक्षक रामविलास ने स्कूल में मारपीट और झगड़े को लेकर एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दी थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। शिक्षकों के आपसी लड़ाई झगड़े से पढ़ाई चौपट ग्रामीणों के अनुसार 11 अप्रैल को इंचार्ज प्रधानाचार्य राकेश कुमार और शिक्षक रामबिलास मेहता के बीच डायरी में हस्ताक्षर को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। करीब 15 मिनट तक चले इस विवाद में दोनों शिक्षको ने एक-दूसरे के कपड़े तक फाड़ दिए। इससे स्कूल की पढ़ाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। ग्रामीणों ने शिक्षकों पर आरोप लगाया कि वह समय पर पढ़ाने के बजाय मोबाइल में बीजी रहते हैं और टोकने पर अभिभावकों को धमकाया जाता है। इसी नाराजगी के चलते ग्रामीणों ने स्कूल में ताला लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। शिक्षा विभाग ने उच्चधिकारी के निर्देश पर की कार्रवाई मौके पर एकत्रित ग्रामीण और स्टूडेंट को शांत करने के लिए ग्रामीणों की मांग पर तीन शिक्षकों को स्कूल से हटाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई करते हुए शिक्षक रामबिलास मेहता, इंचार्ज प्रधानाचार्य राकेश कुमार और वरिष्ठ अध्यापक रमेश सोनी को यहां से हटाया गया। प्रशासन की सख्त कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इसके बाद स्कूल का माहौल सामान्य हुआ और स्टूडेंट्स की पढ़ाई पुनः सुचारु रूप से शुरू करवाई गई।