हनुमानगढ़ में राजस्थान समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक-2026 के प्रारूप पर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित करने के लिए गुरुवार को एक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिला कलेक्ट्रेट सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। प्रारूप समिति की सदस्य डॉ. शुचि चौहान ने इसकी अध्यक्षता की। इस दौरान प्रस्तावित विधेयक के प्रमुख प्रावधानों पर चर्चा की गई और जनप्रतिनिधियों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा विभिन्न वर्गों के लोगों से सुझाव मांगे गए। बैठक में बताया गया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद-44 में राज्य को सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्देश है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए राजस्थान सरकार प्रस्तावित विधेयक पर व्यापक स्तर पर जनमत एकत्र कर रही है। इसका लक्ष्य विभिन्न वर्गों की राय को अंतिम प्रारूप में शामिल करना है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान विधेयक के उद्देश्यों और प्रमुख प्रावधानों की जानकारी भी साझा की गई। प्रस्तावित कानून में बहुविवाह पर पूर्ण रोक, लिव-इन रिलेशनशिप का अनिवार्य पंजीकरण, भरण-पोषण की समान व्यवस्था, विवाह एवं तलाक का अनिवार्य पंजीकरण व पैतृक संपत्ति में बेटा और बेटी को समान अधिकार देने जैसे प्रावधान शामिल हैं। उपस्थित प्रतिनिधियों ने इन विषयों पर अपने-अपने सुझाव और विचार प्रस्तुत किए। प्रशासन ने आमजन से भी इस विषय पर सक्रिय भागीदारी की अपील की है। इच्छुक नागरिक राजस्थान सरकार के पोर्टल https://ucc.rajasthan.gov.in पर जाकर अपने सुझाव व आपत्तियां ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। प्राप्त सुझावों का अध्ययन करने के बाद प्रारूप समिति अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगी। बैठक में जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव, विधायक विनोद गोठवाल, एडीएम उम्मेदीलाल मीणा, एएसपी राजकंवर, एसडीएम मांगीलाल सुथार, सशक्त नारी संगठन की मिताली अग्रवाल, कांग्रेस प्रवक्ता मोहनलाल इंदलिया, आप प्रदेश सचिव राजवीर माली, सहयोग शक्ति की प्रेरणा दहिया, भाजपा जिला प्रवक्ता आशीष पारीक, गुरुद्वारा प्रेम नगर के सभापति बलकौर सिंह ढिल्लों, व्यापार संघ अध्यक्ष पदम जैन, आजम अली, इमाम अली सहित विभिन्न सामाजिक, धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि व कॉलेज प्रिंसिपल मौजूद रहे।