राजस्थान में तकनीकी खामियों के कारण कमर्शियल वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट और नेशनल परमिट का नवीनीकरण अटक गया है। VLTD डिवाइस का डेटा विभागीय पोर्टल पर अपडेट नहीं होने से हजारों वाहन प्रभावित हैं और ट्रांसपोर्टर्स को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ट्रांसपोर्ट संगठनों ने चेतावनी दी है कि समस्या का जल्द समाधान नहीं होने पर वे राज्यव्यापी आंदोलन और चक्का जाम करेंगे। इसी मांग को लेकर नागौर ट्रांसपोर्ट सोसाइटी ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। VLTD डेटा अपडेट नहीं होने से अटके काम सोसाइटी के सचिव बजरंग लाल शर्मा ने बताया कि सबसे बड़ी परेशानी वाहनों में लगे VLTD (व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस) को लेकर आ रही है। डिवाइस लगे होने के बावजूद तकनीकी खामियों के कारण उनका डेटा विभागीय पोर्टल पर अपडेट नहीं हो पा रहा है। इसके चलते हजारों वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट का नवीनीकरण अटका हुआ है। पोर्टल की इस खामी और प्रशासनिक विफलता से ट्रांसपोर्टर्स को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। डिवाइस की कीमतों में मनमानी का आरोप मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस और नागौर ट्रांसपोर्ट सोसाइटी ने VLTD डिवाइस की कीमतों में मनमानी का आरोप लगाया है। बजरंग लाल शर्मा ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में यह डिवाइस करीब 5 हजार रुपए में लग रही है, जबकि राजस्थान में वाहन मालिकों से 8 हजार से 10 हजार रुपए तक वसूले जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से अधिकृत वेंडर तय करने की मांग की, ताकि भ्रष्टाचार और कालाबाजारी पर रोक लग सके। इस दौरान सोसाइटी के संरक्षक ज्ञानचंद सुराणा, घनश्याम पित्ती, अध्यक्ष सुखराम सोलंकी, उपाध्यक्ष श्रीकृष्ण जोशी, सहसचिव ताराचंद सांखला, कोषाध्यक्ष मगनराज शर्मा सहित अन्य व्यवसायी मौजूद रहे।