सीआईडी (क्राइम ब्रांच) ने 12 साल से फरार 50 हजार रुपए के इनामी अपराधी को गिरफ्तार किया। आरोपी आबिद मेवाती को मथुरा (उत्तर प्रदेश) के शादी समारोह से दबोचा गया। आरोपी अंतरराज्यीय वाहन तस्करी गिरोह का सरगना है। यह गिरोह ट्रैक्टरों को लोन पर खरीदता। इसके बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें अलग-अलग राज्यों में बेच देता था। इस गिरोह ने करीब 1500 से 2000 ट्रैक्टरों की अवैध बिक्री की है। वहीं हर गाड़ी पर लगभग 2 लाख रुपए का मुनाफा कमाते थे। गिरोह के नेटवर्क में वाहन मालिक भी शामिल रहते थे, जो ट्रैक्टर बेचने के बाद चोरी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराकर फाइनेंस कंपनियों से क्लेम लेते थे। पुलिस के अनुसार- राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा सहित कई राज्यों में दर्ज मामलों में आरोपी वांछित था। आरोपी को एक शादी समारोह से मंगलवार रात को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के लिए उसे बुधवार को जयपुर लाया गया। वर्ष 2012 से कर रहा था धोखाधड़ी जानकारी के अनुसार- ग्राम छाता जिला मथुरा उत्तर प्रदेश में सरगना आबिद मेवाती की ओर से अवैध वाहनों का बाजार संचालित किया जाता था। जहां इन ट्रैक्टरों की खरीद-फरोख्त होती थी। ट्रैक्टरों की खरीद-फरोख्त का व्यापार वर्ष 2012 से आरोपी लगातार कर रहा था। आरोपी का पिता खुशीला और उसका भाई भी उसके साथ लगे हुए थे। शादी में घेराबंदी, भीड़ के बीच गिरफ्तारी CID (सीबी) की विशेष टीम को सूचना मिली थी कि आरोपी मथुरा में परिचित की बहन की शादी में शामिल होने के लिए आने वाला है। इस पर टीम ने तकनीकी और खुफिया इनपुट के आधार पर योजना बनाकर विवाह स्थल पर घेराबंदी की और आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान भीड़ ने आरोपी को छुड़ाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने साहस दिखाते हुए उसे सुरक्षित हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। आरोपी 1500–2000 ट्रैक्टरों की अवैध बिक्री कर चुका आरोपी अब तक 1500 से 2000 ट्रैक्टरों की अवैध बिक्री कर चुका है। वह हर वाहन पर लगभग 2 लाख रुपए का मुनाफा कमाता था। इस पूरे नेटवर्क में वाहन मालिक भी शामिल रहते थे, जो ट्रैक्टर बेचने के बाद चोरी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराकर फाइनेंस कंपनियों से क्लेम लेते थे। आरोपी के खिलाफ कई मामले दर्ज आरोपी आबिद मेवाती के खिलाफ हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी, लूट, चोरी, एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में मामले दर्ज हैं। यह कार्रवाई डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त महानिदेशक विपिन कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में की गई। वहीं आईजी परम ज्योति के सुपरविजन में सब-इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी, जिसमें कई पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही। गिरफ्तार आरोपी को स्थानीय पुलिस से समन्वय कर राजस्थान पुलिस की टीम को सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस अब गिरोह के अन्य बदमाशों और पूरे नेटवर्क की विस्तृत जांच में जुटी है।