उदयपुर में प्रस्तावित सीजीएचएस (CGHS) वेलनेस सेंटर के संचालन के लिए केंद्र सरकार ने स्टाफ के पदों को मंजूरी दे दी है। उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत की लगातार कोशिशों के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह कदम उठाया है। स्टाफ की कमी की वजह से इस सेंटर को शुरू करने में जो तकनीकी अड़चन आ रही थी, वह अब दूर हो गई है। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने उन्हें खुद पदों की स्वीकृति के बारे में जानकारी दी है। इस वेलनेस सेंटर के लिए फिलहाल चार मुख्य पदों को हरी झंडी मिली है। इनमें एक मेडिकल ऑफिसर, एक नर्सिंग ऑफिसर, एक फार्मासिस्ट और एक जूनियर हेल्थ एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट का पद स्वीकृत किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने विभाग को निर्देश दिए हैं कि इन पदों पर भर्ती और सेंटर के संचालन की प्रक्रिया को तुरंत आगे बढ़ाया जाए। बता दे कि उदयपुर में बनने वाला यह सेंटर दक्षिण राजस्थान का पहला और इकलौता सीजीएचएस वेलनेस सेंटर होगा। अब तक यहां रहने वाले हजारों केंद्रीय कर्मचारियों और बुजुर्ग पेंशनर्स को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए काफी भटकना पड़ता था या लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। पिछले काफी समय से स्थानीय कर्मचारी संगठन इस सेंटर की मांग कर रहे थे। पिछले महीनों में सेंटर खोलने की घोषणा तो हुई थी, लेकिन बिना स्टाफ के इसका शुरू होना नामुमकिन था। अब स्टाफ की मंजूरी के साथ ही इसकी शुरुआत की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। सांसद डॉ. रावत ने स्टाफ की मंजूरी के बाद अब इस सेंटर को जल्द से जल्द चालू करने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा को पत्र लिखकर आभार जताया और साथ ही यह आग्रह भी किया कि जयपुर स्थित सीजीएचएस के एडिशनल डायरेक्टर को निर्देश दिए जाएं कि उदयपुर सेंटर का काम प्राथमिकता से शुरू हो। सांसद का कहना है कि पदों की स्वीकृति मिलने के बाद अब वे चाहते हैं कि जल्द से जल्द सेंटर का फीता कटे, ताकि कर्मचारियों को मुफ्त और सुलभ इलाज की सुविधा घर के पास ही मिल सके।