बांसवाड़ा में पत्नी की हत्या करने वाले पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पति पर 1 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। पति ने अपने बच्चों को कमरे में बंद कर पत्नी का गला दबा कर हत्या कर दी थी। मामला खमेरा थाना क्षेत्र के देवलिया शक्तावत गांव का है। 13 अक्टूबर 2024 की सुबह पुलिस ने मृतका कांता के पीहर पक्ष को सूचना दी कि उसके पति उदयलाल ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी है। जब परिजन मौके पर पहुंचे, तो कांता की लाश घर के आंगन में खाट पर पड़ी मिली। मृतका के गले पर चोट और नाखून के निशान साफ दिखाई दे रहे थे। ​वारदात से पहले बच्चों को किया कमरे में बंद किया लोक अभियोजक योगेश्वर सोमपुरा ने बताया- पुलिस की जांच में सामने आया था कि उदयलाल ने वारदात को अंजाम देने से पहले अपने ही तीन मासूम बच्चों को एक कमरे में बंद कर बाहर से सांकल लगा दी थी। पुलिस के पहुंचने पर ही बच्चों को कमरे से बाहर निकाला जा सका। परिजनों ने बताया था कि मृतका और आरोपी के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था। घटना से करीब दो महीने पहले भी झगड़ा हुआ था, जिसे ग्रामीणों और पंचों ने मिलकर आपसी समझाइश से सुलझाया था। समझौते के बाद कांता अपने पति के घर वापस आई थी, लेकिन उदयलाल ने फिर से मारपीट शुरू कर दी और अंततः उसकी जान ले ली। ​इन धाराओं में हुई कार्रवाई अभियोजन पक्ष की और से लोक अभियोजक योगेश सोमपुरा ने मामले की पैरवी की। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (1) के तहत मामला दर्ज किया था। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में भी मृत्यु का कारण गला दबने से दम घुटना बताया गया। सभी गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने उदयलाल को अपनी पत्नी की मौत का दोषी पाया। जिले में नए कानून BNS के तहत यह सजा का पहला फैसला है।