चित्तौड़गढ़ में मंगलवार देर रात शिकार पर गए चार युवकों पर ग्रामीणों ने हमला कर दिय। इस दौरान इनके साथ मारपीट की। इसमें एक 35 साल के युवक की बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। मामला जिले के भूपालसागर थाना क्षेत्र का है। मृतक संजेश (35) का गुरुवार को अं​तिम संस्कार किया गया। मामले की जांच कपासन डीएसपी की ओर से की जा रही है। कपासन डीएसपी हरजीलाल यादव ने बताया कि कपासन क्षेत्र की मेवदा कॉलोनी निवासी संजेश कंजर (35) अपने मामा कैलाश, काका जगदीश और चचेरे भाई सत्तू के साथ मंगलवार शाम करीब 8 बजे एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर रामाखेड़ा गांव के जंगलों में शिकार के लिए गए थे। देर रात करीब 1:30 बजे जब चारों वापस लौट रहे थे, तभी रामाखेड़ा गांव के पास कुछ ग्रामीणों ने उन्हें रोक लिया और बिना ज्यादा पूछताछ किए उन पर हमला कर दिया। लाठी-डंडों से हमला, जातिसूचक शब्दों के आरोप पीड़ित संजेश कंजर ने रिपोर्ट में बताया कि ग्रामीणों ने उन्हें देखते ही लाठी-डंडों से मारना शुरू कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी और कहा कि उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। इस दौरान चारों बेरहमी से पीटा गया, जिससे उनके शरीर पर गंभीर चोटें आईं। अचानक हुए इस हमले से युवक खुद को बचा नहीं पाए। घटना के बाद किसी तरह सूचना पुलिस तक पहुंची। घायलों को तुरंत भूपालसागर हॉस्पिटल पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद सत्तू कंजर और जगदीश की हालत गंभीर होने पर उन्हें चित्तौड़गढ़ और बाद में उदयपुर रेफर किया गया। वहीं संजेश और कैलाश को भूपालसागर हॉस्पिटल में ही इलाज दिया गया। उदयपुर में इलाज के दौरान सत्तू कंजर की हालत बिगड़ती गई और बुधवार को उसकी मौत हो गई। डीएसपी बोले- नामजद आरोपी नहीं, तकनीकी जांच से होगी पहचान कपासन डीएसपी हरजीलाल यादव ने बताया कि इस मामले में दर्ज एफआईआर में किसी भी आरोपी का नाम सामने नहीं आया है, इसलिए पुलिस तकनीकी आधार पर जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद एफएसएल और एमओबी टीम से मौके का निरीक्षण कराया गया है। साथ ही मोबाइल नंबर और बीटीएस (लोकेशन) का विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों की पहचान की जा सके। डीएसपी ने कहा कि जो भी लोग इस घटना में शामिल पाए जाएंगे, उन्हें सबूतों के आधार पर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। ग्रामीणों को था चोरी का शक, उसी आधार पर हुआ हमला प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ग्रामीणों को शक था कि ये युवक चोरी या फसलों को नुकसान पहुंचाने आए हैं। इसी शक में उन्होंने उन्हें रोककर मारपीट कर दी। हालांकि युवकों का कहना है कि वे केवल शिकार के लिए जंगल गए थे।